कोडरमा, 25 जुलाई । जिले में जंगली हाथियों का उत्पात लगातार बढ़ता जा रहा है। गत एक वर्ष में हाथियों के हमले में 12 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद हाथियों के आतंक पर अंकुश लगाने के लिए अब तक कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं हो सकी है। ताजा मामला नवलशाही थाना क्षेत्र के पोलवाबर और देवीपुर तथा मरकच्चो थाना क्षेत्र के पपलो गांव में सामने आई हैं।
स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, पोलवाबर गांव में शुक्रवार रात हाथियों के झुंड ने श्रीलाल टुडू के कच्चे मकान को क्षतिग्रस्त कर दिया। हाथियों ने घर में रखा लगभग चार क्विंटल चावल और चार क्विंटल महुआ भी खा लिया। घटना के समय गृहस्वामी किसी तरह घर से निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रहे।
वहीं देवीपुर गांव में हाथियों ने एक व्यक्ति की बाउंड्री वॉल तोड़ दी और खेत में लगी फसलों को रौंदकर बर्बाद कर दिया, जिससे किसान को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। इधर मरकच्चो थाना क्षेत्र के पपलो गांव में भी हाथियों का झुंड पहुंच गया। यहां एक मकान को क्षतिग्रस्त कर दिया गया तथा धान की मोरही को भी तहस-नहस कर दिया गया। गांव में हाथियों के प्रवेश की सूचना मिलते ही दहशत का माहौल बन गया। महिलाएं और बच्चे घरों में दुबके रहे, जबकि ग्रामीण पूरी रात सतर्क रहे।
ग्रामीणों का कहना है कि हाथी आए दिन गांवों में घुसकर घरों और फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे जान-माल का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। उनका आरोप है कि सूचना देने के बावजूद वन विभाग की टीम अक्सर समय पर नहीं पहुंचती। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से हाथियों को जल्द जंगल की ओर खदेड़ने, प्रभावित क्षेत्रों में नियमित निगरानी की व्यवस्था करने तथा नुकसान झेलने वाले परिवारों को शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है।
