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कोलकाता, 05 जून। पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के मोथाबाड़ी क्षेत्र में रोड ब्लॉकेड और न्यायिक अधिकारियों की कथित अवैध हिरासत से जुड़े मामलों में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार और आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इन नई गिरफ्तारियों के साथ इस मामले में कुल गिरफ्तार लोगों की संख्या 72 पहुंच गई है। एनआईए की ओर से शुक्रवार को दी गई जानकारी के मुताबिक ये गिरफ्तारियां चार अलग-अलग मामलों से जुड़ी हैं, जो विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान हुए विरोध प्रदर्शनों और हिंसा से संबंधित हैं।

यह मामला एक अप्रैल को मालदा जिले के मोथाबाड़ी ब्लॉक कार्यालय में हुई उस घटना से जुड़ा है, जब मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया था। आरोप है कि इस दौरान कार्यरत न्यायिक अधिकारियों पर हमला किया गया और उन्हें उनके आधिकारिक कार्य के दौरान रोका गया। सूत्रों के अनुसार, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने मौके से न्यायिक अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाला था, लेकिन बाद में उनके काफिले पर दोबारा हमला किए जाने के आरोप सामने आए।

इस मामले में अब तक कुल 12 प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें से चार मामलों में एनआईए ने आरोप पत्र दाखिल किया है। इन चार मामलों में कुल 31 लोगों को नामजद किया गया है। एनआईए के अनुसार, जांच के दौरान गवाहों के बयान, सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों की पहचान की गई है। इनमें सड़क अवरोध, हिंसा और सरकारी कार्य में बाधा डालने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।

उच्चतम न्यायालय ने इस मामले की जांच शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, न्यायालय ने पहले ही निर्देश देते हुए जांच एजेंसी को समयबद्ध तरीके से कार्रवाई पूरी करने को कहा था, जिसके बाद एनआईए ने दो जून को कोलकाता की विशेष एनआईए अदालत में चार मामलों में आरोप पत्र दाखिल किया था। फिलहाल जांच जारी है और एजेंसी अन्य फरार आरोपितों की तलाश में भी जुटी हुई है।