ठग बना रामगढ़ एसपी ऑफिस का पीए

रामगढ़, 02 जून ।  एक ठग ने रामगढ़ एसपी ऑफिस का पर्सनल असिस्टेंट  बन  रामगढ़ शहर के  मोबाइल फोन  विक्रेता से आई-फोन-16 ठग लिया। सबसे बड़ी बात यह रही की  उसने दो दिन तक दुकानदार से फोन पर बात की और यह विश्वास दिला दिया कि वह एसपी ऑफिस में कार्यरत है और एसपी के साथ इतना व्यस्त है कि वह दुकान नहीं आ सकता । उसका वीआईपी नंबर भी दुकानदार को बरगलाने के लिए काफी था। यहां तक की ट्रू-कॉलर में भी उसका नाम एसपी पीए ऑफिस दिख रहा था।

शहर के गोला रोड में अपोलो फार्मेसी के सामने मौजूद गणपति मोबाइल के मालिक धीरेंद्र कुमार ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई है। उसने पुलिस को बताया कि सबसे पहले कॉल उसे 30 मई को आया था। उसने बाकायदा मोल-भाव की और यह भी कहा कि मैडम के लिए पिंक कलर का आईफोन 16 चाहिए। डील 69000 रुपये पर हुई। ठग ने अपने आप को एसपी के साथ व्यस्त बताते हुए  दुकानदार से होम डिलीवरी करने को कहा। फोन लेकर उसने एसपी आवास या एसपी ऑफिस आने को कहा। जब डिलीवरी करने वाला शख्स रास्ते में था, तब उसे फोन कर कहा कि वह रामगढ़ कोर्ट के पास स्विफ्ट डिजायर कार जेएच 01 डीएस 3268 में मौजूद है। ऑफिस से निकल चुका है, तो डिलीवरी रोड पर ही ले लेगा।

धीरेंद्र कुमार के स्टाफ राजा दत्ता ने फोन डिलीवरी की थी। जैसे ही उसे ठग को फोन मिला, उसने उसे फोन पे का एक ट्रांजैक्शन दिखाया, जिसमें 69 हजार रुपये दिख रहा था। इसके बाद वह सरपट निकल गया। जैसे ही राजा ने दुकान में स्क्रीनशॉट भेज कर, उसे सत्यापित करने की कोशिश की, तो पता चला कि कोई भी पैसा अकाउंट में नहीं आया है। इसके बाद जब उसने उस ठग को फोन किया तो उसने कहा कि उसके अकाउंट से पैसा कट गया है। वह थोड़ी देर में उनकी दुकान पर आकर बैंक डिटेल दिखा देगा। लेकिन न तो ठग वहां पहुंचा और न ही मोबाइल।

रामगढ़ थाना प्रभारी नवीन प्रकाश पांडे ने बताया कि फोन पर बात करने वाला शख्स एक ठग था। जिसने फर्जी मोबाइल नंबर और गाड़ी नंबर का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही उस ठग को पकड़ा जाएगा।

रामगढ़ थाना प्रभारी ने ठगों से सावधान रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि पहले भी आम नागरिकों को सावधान किया गया है। कोई भी व्यक्ति जो फोन पर बात कर रहा है वह सच बोल रहा है, इसकी गारंटी नहीं। जब तक पूरा सत्यापन ना कर लें, कोई भी व्यक्ति सामान, पैसा या किसी भी तरह का ट्रांजैक्शन नहीं करें। उन्होंने कहा कि एटीएम काउंटर पर लगा फर्जी नंबर भी लोगों को ठगने का काम कर रहा है। सतर्कता से ही बचाव संभव है। ऑनलाइन व्हाट्सएप पर आने वाला कोई भी एपीके फाइल आपके मोबाइल को हैक कर सकता है। इसलिए जब तक सत्यापन ना कर लें, किसी भी तरह का ट्रांजैक्शन ना करें।