हजारीबाग, 31 मई। पौता स्थित कोनार नदी के किनारे संदिग्ध परिस्थितियों में तीन युवकों के शव मिलने की घटना का अब तक खुलासा नहीं होने से मृतकों के परिजनों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। न्याय की मांग को लेकर परिजनों ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर मुफस्सिल थाना प्रभारी, अनुसंधानकर्ता एवं थाना के अन्य पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने मामले की निष्पक्ष जांच करने के बजाय शुरू से ही घटना को दुर्घटना साबित करने का प्रयास किया। उन्होंने थाना प्रभारी एवं अनुसंधानकर्ता पर लापरवाही, जांच को भटकाने तथा हत्यारों से मिलीभगत करने का आरोप लगाया है। साथ ही तथाकथित यूट्यूबर सोहेल अंसारी पर हत्या में संलिप्त होने का गंभीर आरोप भी लगाया गया है।
परिजनों ने कहा कि थाना प्रभारी ने उन्हें जानकारी दी थी कि 23 तारीख को मृतकों की लोकेशन भुरकुंडा में मिली थी और उनके साथ दो अन्य लोग भी मौजूद थे। परिजनों का सवाल है कि वे दो लोग कौन थे, इसका खुलासा आज तक पुलिस नहीं कर पाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवकों की तलाश के नाम पर उनसे पैसे भी लिए गए, जबकि पुलिस ने मामले में कोई ठोस प्रगति नहीं दिखाई।
मृतकों के परिजनों ने दिशा की बैठक में भाग लेने हजारीबाग पहुंची केंद्रीय शिक्षा मंत्री अन्नपूर्णा देवी से भी मुलाकात कर मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। मंत्री ने परिजनों को आश्वस्त किया कि वे पुलिस अधीक्षक से बात कर मामले का शीघ्र खुलासा सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगी।
वहीं पुलिस अधीक्षक ने परिजनों को बताया कि मामले की कुछ रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी हैं, जबकि कुछ फॉरेंसिक रिपोर्ट अभी आना बाकी है। उन्होंने कहा कि सभी वैज्ञानिक एवं तकनीकी रिपोर्ट मिलने तथा प्रत्येक बिंदु का गहन अध्ययन करने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है।
परिजनों ने मीडिया में घटना को दुर्घटना बताकर प्रस्तुत किए जाने पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि यह मामला दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित हत्याकांड है और इसे दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही दोषियों की गिरफ्तारी और मामले का खुलासा नहीं हुआ तो वे पुलिस अधीक्षक कार्यालय के समक्ष आत्मदाह करने को मजबूर होंगे।
घटना के खुलासे में हो रही देरी और पुलिस जांच पर उठ रहे सवालों ने पूरे मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। अब लोगों की नजरें पुलिस जांच और लंबित फॉरेंसिक रिपोर्टों पर टिकी हुई हैं।
