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कोलकाता, 22 मई । राजारहाट-गोपालपुर की पूर्व तृणमूल विधायक अदिति मुंशी और उनके पति देबराज चक्रवर्ती को कलकत्ता हाई कोर्ट से फिलहाल बड़ी राहत मिली है। अदालत ने शुक्रवार को मौखिक निर्देश देते हुए कहा कि 19 जून तक अदिति मुंशी और देबराज चक्रवर्ती को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई भी उसी दिन निर्धारित की गई है।

शुक्रवार को हाई कोर्ट में अदिति और देबराज की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता तथा माकपा नेता विकासरंजन भट्टाचार्य ने पक्ष रखा। वहीं, राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता राजदीप मजूमदार ने अदालत को बताया कि विधानसभा चुनाव से पहले अदिति और देबराज ने लगभग 100 करोड़ रुपये की संपत्ति बेनामी तथा रिश्तेदारों और परिचितों के नाम हस्तांतरित की थी।

राज्य सरकार का आरोप है कि चुनावी हलफनामे में संपत्ति का कम विवरण दिखाने के उद्देश्य से ऐसा किया गया।

इसके जवाब में विकासरंजन भट्टाचार्य ने कहा कि किसी अन्य व्यक्ति के नाम संपत्ति हस्तांतरित करना अपने आप में अपराध नहीं है। उन्होंने दलील दी कि यदि आय से अधिक संपत्ति का मामला है, तो उसकी जांच आयकर विभाग कर सकता है, पुलिस को इसमें हस्तक्षेप करने का अधिकार क्यों होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि चुनावी हलफनामे में गलत जानकारी दी गई है तो उसे चुनावी नियमों के उल्लंघन के रूप में देखा जा सकता है, लेकिन इसे आपराधिक अपराध कैसे माना जा सकता है।

बचाव पक्ष ने अदालत में दावा किया कि अदिति और देबराज के खिलाफ किसी वित्तीय अपराध का ठोस आरोप नहीं है और उनके खिलाफ किसी आपराधिक कृत्य का मामला दर्ज नहीं है। विकासरंजन भट्टाचार्य ने उदाहरण देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ भी चुनावी अपराध का मामला हुआ था, जो अब तक लंबित है।

हालांकि राज्य सरकार ने अदालत में अदिति और देबराज की कथित भारी संपत्ति और आय के स्रोत पर गंभीर सवाल उठाए।

राज्य की ओर से आरोप लगाया गया कि इस राजनीतिक दंपति ने क्षेत्र में कथित तौर पर वसूली, सिंडिकेट संचालन और जमीन कब्जाने के जरिए बड़ी संपत्ति अर्जित की। यह भी दावा किया गया कि उनके कलिम्पोंग में बैंक खाते थे और चुनाव से पहले कई खातों से धनराशि निकाल ली गई।

राज्य सरकार ने अदालत को यह भी बताया कि देबराज के करीबी बताए जाने वाले दो लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। अतिरिक्त महाधिवक्ता ने कहा कि देबराज चक्रवर्ती 2021 के चुनाव बाद हुई हिंसा के एक मामले में भी आरोपित हैं।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायमूर्ति जय सेनगुप्ता ने निर्देश दिया कि अगली सुनवाई के दिन राज्य सरकार अदिति और देबराज के खिलाफ लगाए गए आरोपों से संबंधित दस्तावेज और जांच की प्रगति रिपोर्ट अदालत में पेश करे। तब तक उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।

गौरतलब है कि आय से अधिक संपत्ति और चुनावी हलफनामे में सही आय का विवरण नहीं देने के आरोप में गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए अदिति मुंशी और विधाननगर के तृणमूल पार्षद तथा मेयर परिषद सदस्य देबराज चक्रवर्ती ने गुरुवार को हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। शुक्रवार को इसी मामले पर सुनवाई हुई।