ओंकार समाचार
गिरिडीह, 21 मई। जिले के बजरंग चौक स्थित सेंट्रल जीएसटी कार्यालय में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब धनबाद से पहुंची सीबीआई की टीम ने अचानक छापेमारी कर विभाग के दो अधिकारियों को घूसखोरी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। सीबीआई ने सेंट्रल जीएसटी विभाग के सुपरिटेंडेंट बुद्धेश्वर सुंडी और इंस्पेक्टर बिरजू कुमार को कथित रिश्वत लेने के आरोप में हिरासत में लिया। कार्रवाई के बाद पूरे कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई बिरनी प्रखंड के खाखीपीपर निवासी राजू अंसारी की शिकायत के आधार पर की गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 में उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट अनीश कुमार सेठ ने जीएसटी विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर साजिश रची और उन पर 95 लाख रुपये का जीएसटी टैक्स बकाया बताते हुए नोटिस जारी कराया। लगातार तीन बार नोटिस मिलने के बाद राजू अंसारी को पूरे मामले में गड़बड़ी का संदेह हुआ और वह जानकारी लेने जीएसटी कार्यालय पहुंचे।
अंसारी का आरोप है कि मामले को रफा-दफा करने के नाम पर उनसे रिश्वत की मांग की गई। इसके बाद उन्होंने सीधे धनबाद स्थित सीबीआई कार्यालय पहुंचकर पूरे प्रकरण की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने जाल बिछाया और कथित रिश्वत की रकम को कम कराकर 65 हजार रुपये में सौदा तय कराया।
योजना के तहत बुधवार को राजू अंसारी 50 हजार रुपये लेकर गिरिडीह स्थित सेंट्रल जीएसटी कार्यालय पहुंचे। आरोप है कि अधिकारियों ने रकम सीधे हाथ में लेने के बजाय किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से पैसे मंगवाए और उसे सुपरिटेंडेंट बुद्धेश्वर सुंडी के घर भेज दिया। इसकी सूचना शिकायतकर्ता ने पहले ही सीबीआई टीम को दे दी थी।
इसके बाद सीबीआई इंस्पेक्टर रघुनाथ कुमार के नेतृत्व में सुबह करीब 11 बजे टीम ने कार्यालय में दबिश दी। छापेमारी के दौरान अधिकारियों से गहन पूछताछ की गई, जो करीब 13 घंटे तक चली। सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान दबाव बढ़ने पर सुपरिटेंडेंट के घर से कथित रिश्वत की राशि भी मंगवाई गई।
सीबीआई की कार्रवाई देर रात तक चली कार्रवाई के दौरान कई दस्तावेजों की भी जांच की गई। सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि मामले की तह तक जांच की जा रही है और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
