पेट्रोल पंप पर कतारें

जमशेदपुर, 14 मई। जमशेदपुर में पेट्रोल-डीजल को लेकर लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। गुरुवार को  लगातार दूसरे दिन शहर के कई पेट्रोल पंपों पर सुबह से भारी भीड़ देखने को मिली। खुले पेट्रोल पंपों के बाहर वाहन चालकों की लंबी कतारें लगी रहीं, जबकि कई बंद पंपों के बाहर भी लोग पंप खुलने की उम्मीद में लाइन लगाए खड़े नजर आए।
पिछले दो दिनों से शहर के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर अचानक भीड़ बढ़ गई है। हालात ऐसे हैं कि वाहन चालकों को अपने वाहनों में ईंधन भरवाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कई जगहों पर कतारें इतनी लंबी हो गईं कि सड़क तक पहुंच गईं, जिससे यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है और जाम की स्थिति बन रही है।
पेट्रोल पंपों पर बढ़ती भीड़ और अव्यवस्था को देखते हुए जमशेदपुर पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पेट्रोल पंपों पर पुलिस बल की तैनाती जरूरी है। कुछ पंप संचालकों ने साफ किया है कि पर्याप्त सुरक्षा मिलने के बाद ही बंद पंपों को खोला जाएगा।
ईंधन को लेकर मची अफरा-तफरी के बीच बुधवार को शहर में रिकॉर्ड करीब 3 लाख लीटर ईंधन की बिक्री दर्ज की गई। सुबह से देर रात तक पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं।
जमशेदपुर पेट्रोल पंप एसोसिएशन के अध्यक्ष कुणाल कुमार ने बताया कि शहर में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। ईंधन की सप्लाई लगातार हो रही है, लेकिन लोगों में पैनिक के कारण मांग अचानक कई गुना बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोग एक-दो दिन का नहीं, बल्कि एक महीने तक का ईंधन एक साथ भरवा रहे हैं, जिससे पंपों पर अतिरिक्त दबाव बन गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बुधवार को असामान्य बिक्री के कारण कई पेट्रोल पंपों का स्टॉक अस्थायी रूप से खत्म हो गया, जिसकी वजह से कुछ पंपों को बंद करना पड़ा। हालांकि गुरुवार को नई खेप पहुंचने के साथ स्थिति सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है।
कोल्हान में भी असर, चाईबासा और सरायकेला में बढ़ी भीड़
केवल जमशेदपुर ही नहीं, बल्कि पूरे कोल्हान क्षेत्र में पेट्रोल-डीजल को लेकर अफरा-तफरी का माहौल है। चाईबासा और सरायकेला में भी पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ देखी जा रही है। अचानक बढ़ी मांग के कारण कई जगहों पर पंपों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है। एसोसिएशन का कहना है कि यह ईंधन संकट नहीं, बल्कि अचानक बढ़ी मांग का परिणाम है।