राष्‍ट्रीय लोक अदालत

रांची9 मई। रांची व्यवहार न्यायालय में शनिवार को दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसका वर्चुअल उद्घाटन झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सह झालसा के कार्यपालक अध्यक्ष जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद ने किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि लंबित वादों के निस्तारण में अधिवक्ताओं और मध्यस्थों की भूमिका अहम है तथा लोक अदालत त्वरित और निःशुल्क न्याय का प्रभावी माध्यम है।
राष्ट्रीय लोक अदालत में 47,397 लंबित मामलों और 8,32,365 प्री-लिटिगेशन वादों का निस्तारण किया गया। साथ ही 1,36,99,52,446.21 रुपये की राशि का सेटलमेंट हुआ।
कार्यक्रम के दौरान वाहन दुर्घटना के 36 पीड़ितों के बीच कुल 20 करोड़ 6 लाख 40 हजार 672 रुपये मुआवजा राशि वितरित की गई। वहीं झारखंड पीड़ित मुआवजा योजना 2019 के तहत 24 पीड़ितों को 82.80 लाख रुपये दिए गए। मोटर दुर्घटना मामले में गीता सिंह को 13 करोड़ 2 लाख 18 हजार 496 रुपये का मुआवजा चेक सौंपा गया।
इस मौके पर व्यवहार न्यायालय परिसर में दीदी कैफे, महात्मा गांधी प्रतिमा, वलनेरेबल विटनेस डिपोजिशन सेंटर, प्रोटेक्टेड विटनेस रूम और क्यूआर कोड आधारित एप्लिकेशन सिस्टम का उद्घाटन भी किया गया। लोक अदालत के सफल संचालन के लिए 40 न्यायिक और 20 कार्यपालक बेंच का गठन किया गया था।