नई दिल्ली, 2 अप्रेल। वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा में दो अप्रेल की मध्‍यरात्रि को पास हो गया। 12 घंटे से ज्यादा समय तक चली चर्चा के बाद लोकसभा ने वक्फ (संशोधन) विधेयक को 2025 पारित कर दिया।

विधेयक पर चर्चा पूरी होने के बाद स्पीकर ओम बिरला ने वोटिंग करवाई। बिल के पक्ष में 288 वोट पड़े, वहीं विरोध में 232 वोट पड़े और इस तरह रात 2 बजे वक्फ संशोधन बिल लोकसभा से पास हो गया।

सदन में गौरव गोगोई, औवैसी समेत कई सदस्यों की ओर से लाए गए संशोधन खारिज हो गए।

चर्चा के दौरान एआईएमआईएम सांसद ओवैसी ने अपनी बात रखने के बाद वक्फ बिल को फाड़ दिया। भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने इसे असंवैधानिक करार दिया।

वोटिंग से पहले बिल पर चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजूजू   कहा कि बिना तर्क आरोप लगाना गलत है। कुछ सदस्यों ने जो मुद्दे उठाए हैं उनमें तर्क है तो कुछ तर्कहीन बातें भी कही गई। कुछ विपक्षी सांसदों ने कहा कि ये बिल असंवैधानिक है तो उन्हें बताना चाहिए कि ये असंवैधानिक कैसे है।

किरेन रिजिजू ने कहा कि अल्पसंख्यकों के लिए दुनिया में भारत से ज्‍यादा सुरक्षित कोई स्थान नहीं है। इस देश के बहुसंख्यक लोग खुद को धर्मनिरपेक्ष मानते हैं।

रिजिजू ने कहा कि विपक्ष सरकार की आलोचना कर सकता है, लेकिन यह कहना कि हिंदुस्तान में अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं है, सही नहीं है। उन्होंने कहा, ‘मैं खुद अल्पसंख्यक हूं और कह सकता हूं कि भारत से ज्यादा अल्पसंख्यक कहीं सुरक्षित नहीं हैं। हर अल्पसंख्यक समुदाय इस देश में शान से जीवन जीता है।’

रिजिजू ने कहा कि सदन में इस तरह देश को बदनाम करना ठीक नहीं। आने वाली पीढ़ियां आपको माफ नहीं करेंगी। उन्‍होंने कहा कि बोलने का अधिकार सबको है लेकिन टोकाटाकी नहीं करना चाहिए। मैं सबसे पहले गौरव गोगोई समेत कई सदस्यों ने जो मुद्दे उठाए तो उस पर क्लीयर करता हूं। ये जो ‘वक्फ बाई यूजर’ क्लॉज है, किसी जमीन-प्रॉपर्टी पर सिर्फ कहने से कैसे माना जा सकता है कि ये वक्फ की जमीन है। इससे संबंधित कोई डॉक्यूमेंट है, सर्टिफिकेट है तो हमें दिखाएं।

रिजिजू ने कहा कि ये बिल मुस्लिम और इस्लाम विरोधी नहीं है। ये पूर्ण रूप से संवैधानिक है। हर जमीन देश की जमीन है। रिजिजू ने कहा कि हाथ में संविधान पकड़ने से कुछ नहीं होता। संविधान को मानना भी होता है।

किरेन रिजिजू द्वारा चर्चा का जवाब दिए जाने के बाद वक्फ बिल पर वोटिंग हुई, जिसमें पक्ष में 288 और विपक्ष में 232 वोट पड़े। इस तरह लोकसभा से बिल पास हो गया।

विधेयक को फाड़ना असंवैधानिक – जगदम्बिका पाल

वक्फ संशोधन विधेयक पर संयुक्त संसदीय समिति के अध्यक्ष और बीजेपी सांसद जगदम्बिका पाल ने कहा कि असदुद्दीन ओवैसी इस विधेयक को असंवैधानिक कहते हैं, लेकिन उन्होंने विधेयक को फाड़कर असंवैधानिक काम किया है।

ये भारत सरकार का कानून, सभी को स्वीकार करना होगा- शाह

वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि यह भारत सरकार का कानून है और इसे सभी को स्वीकार करना होगा। अमित शाह ने विपक्ष पर समाज में भ्रम फैलाने और मुसलमानों को डराकर उनका वोट बैंक बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विधेयक पिछली तारीख से लागू नहीं होगा, जैसा कि विपक्ष की ओर से कहा जा रहा। सरकार की अधिसूचना के बाद ही यह कानून प्रभावी होगा। विपक्ष के एक सांसद ने यह कहा था कि अल्पसंख्यक इस कानून को स्वीकार नहीं करेंगे। अमित शाह ने इस पर जोर देकर कहा कि यह भारत सरकार का कानून है और इसे सभी को स्वीकार करना होगा।