
कोलकाता, 02 अप्रैल । पश्चिम बंगाल उच्च माध्यमिक शिक्षा परिषद ने कक्षा 12 के अंग्रेजी पाठ्यक्रम में हुए मामूली बदलावों के लिए एक व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किया है। बारहवीं के छात्रों को नई अंग्रेजी पाठ्यपुस्तकें नहीं दी जाएंगी और उन्हें 11वीं कक्षा की पुस्तकों का ही उपयोग करना होगा।
परिषद ने घोषणा की है कि परिवर्तित पाठ्यक्रम की सामग्री उनकी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध होगी। छात्र इसे वहां से डाउनलोड कर सकते हैं और अपनी पढ़ाई जारी रख सकते हैं। परिषद के अध्यक्ष चिरंजीव भट्टाचार्य के अनुसार, यह परिवर्तित पाठ्यसामग्री, जिसमें दो नई कहानियां और एक नाटक शामिल हैं, ऑनलाइन अपलोड की जाएगी, जिससे छात्रों को इसे प्राप्त करने में सुविधा होगी।
हालांकि, यह समाधान सभी के लिए समान रूप से सुलभ नहीं हो सकता। कुछ छात्रों और शिक्षकों के लिए इंटरनेट की उपलब्धता या डाउनलोड करने की क्षमता एक चुनौती हो सकती है। अभिभावकों ने यह भी बताया कि बाजार में प्रकाशकों की सहायक पुस्तकें उपलब्ध हैं, जिनमें नई कहानियां और नाटक शामिल हैं। यह एक वैकल्पिक रास्ता हो सकता है, लेकिन हर परिवार के लिए अतिरिक्त किताब खरीदना आर्थिक रूप से संभव नहीं है। ऐसे में, जो छात्र सहायक पुस्तकें नहीं खरीद सकते, उनके लिए वेबसाइट से सामग्री डाउनलोड करना ही प्राथमिक विकल्प रहेगा।
इसके अलावा, परिषद या स्कूलों द्वारा यह सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जा सकते हैं कि सभी छात्रों तक नई सामग्री पहुंचे। उदाहरण के लिए, स्कूल शिक्षकों को डाउनलोड की गई सामग्री की मुद्रित प्रतियां उपलब्ध कराने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं, ताकि जिनके पास इंटरनेट सुविधा नहीं है, वे भी प्रभावित न हों। यह शिक्षकों और अभिभावकों की चिंता को कम करने में मदद करेगा।
संस्कृत की पुस्तकों के संबंध में, परिषद के अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि ये किताबें इस महीने की शुरुआत तक बाजार में उपलब्ध होंगी। हालांकि, देरी के कारण छात्रों में असंतोष है, और यह सवाल बना हुआ है कि प्रकाशन प्रक्रिया को तेज करने के लिए और क्या किया जा सकता है।
कुल मिलाकर, अंग्रेजी के परिवर्तित पाठ्यक्रम के लिए वेबसाइट से डाउनलोड करना अभी सबसे सुलभ और मुफ्त विकल्प है।