
देहरादून, 27 मार्च । उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले में स्थित देश के प्रमुख सिख तीर्थस्थल गुरुद्वारा नानकमत्ता साहिब के डेरा कारसेवा प्रमुख बाबा तरसेम सिंह की हत्या का मुख्य आरोपित आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पिछले साल 28 मार्च को सुबह 6:30 बजे मोटरसाइकिल से पहुंचे दो लोगों ने बाबा तरसेम सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। बाबा गुरुद्वारे के बाहर कुर्सी पर बैठे हुए थे।
उधम सिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा ने मीडिया को बताया कि बाबा तरसेम सिंह हत्याकांड के मुख्य आरोपित सरबजीत सिंह को पंजाब के तरनतारन से गिरफ्तार कर सड़क मार्ग से उधम सिंह नगर लाया जा रहा था। काशीपुर में केवीआर हॉस्पिटल के पास हाइवे कोतवाली क्षेत्र में वह वाहन अचानक टायर फटने से पलट गया, जिसमें पुलिसकर्मी और सरबजीत बैठे थे। इसका फायदा उठाकर सरबजीत झटके के साथ सब इंस्पेक्टर संजय कुमार की पिस्टल छीनकर गेहूं के खेत की तरफ भागा।
पुलिस कर्मचारियों ने उसे रुकने के लिए चेताया। सरबजीत सिंह ने इसकी परवाह न करते हुए गोली चलानी शुरू कर दी। यह देखकर पुलिस को भी गोली का जवाब गोली से देना पड़ा। सरबजीत के दोनों पैरों में गोली लगी है। उसे दबोचकर काशीपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस एनकाउंटर में तीन पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।
एसएसपी मिश्रा के अनुसार, ”बाबा तरसेम सिंह के हत्यारे सरबजीत सिंह को कल रात तरनतारन (पंजाब) से गिरफ्तार किया गया। उस पर दो लाख रुपये का इनाम था। सरबजीत को गिरफ्तार करने के लिए कुछ दिन पहले मैंने थाना नानकमत्ता के 12 पुलिस कर्मियों की एक टीम बनाई थी। इसी टीम ने उसे तरनतारन में डेरा डालकर वहां की पुलिस की मदद से पकड़ा। एनकाउंटर में तीन कर्मचारी घायल हुए हैं। पुलिस जवान शुभम सैनी के कंधे में गोली लगी है। गाड़ी पलटने से एसएचओ के सिर में चोटें आई है। सभी का इलाज चल रहा है। सरबजीत को आज अदालत में पेश किया जाएगा।”