पूर्वी सिंहभूम, 27 मार्च । मानगो स्थित डॉ बदर नर्सिंग होम में गुरुवार रात अपेंडिक्स ऑपरेशन के दौरान 16 वर्षीय किशोर रियान आलम की मौत हो गई। घटना के बाद किशोर के परिजनों ने जमकर हंगामा किया। वहीं अब मामले ने कानूनी रूप ले लिया है। मृतक के पिता महमूद आलम ने शुक्रवार को परसुडीह थाने में नर्सिंग होम के डॉ असरफ बदर, डॉ अजय और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, मानगो के जवाहरनगर रोड नंबर-13 निवासी रियान को पेट दर्द की शिकायत के बाद गुरुवार को नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। जांच के बाद डॉक्टरों ने अपेंडिक्स ऑपरेशन की सलाह दी। परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन से पहले तक रियान की स्थिति सामान्य थी, लेकिन ऑपरेशन की तैयारी के दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई।
आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने उसे एक इंजेक्शन दिया, जिसके तुरंत बाद उसकी हालत तेजी से खराब हो गई और उसके मुंह से पानी निकलने लगा। परिजनों का कहना है कि गंभीर स्थिति के बावजूद डॉक्टरों ने लेजर तकनीक से ऑपरेशन शुरू कर दिया, जिससे उसकी हालत और बिगड़ गई।
जब स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई, तो रियान को आनन-फानन में सदर अस्पताल रेफर किया गया। परिजनों के अनुसार, अस्पताल पहुंचने के कुछ ही देर बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने नर्सिंग होम में हंगामा किया और बाद में थाने पहुंचकर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
मामले में एक अहम पहलू यह है कि घटना मानगो स्थित नर्सिंग होम में हुई, लेकिन मामला परसुडीह थाने में दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि रियान की मौत सदर अस्पताल में हुई, जो परसुडीह थाना क्षेत्र में आता है, इसी कारण वहां प्राथमिकी दर्ज की गई है। हालांकि, परिजन नर्सिंग होम के डॉक्टरों को ही मौत के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
परिजनों ने इंजेक्शन के ओवरडोज को मौत का मुख्य कारण बताया है और दोषी डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और संबंधित डॉक्टरों और नर्सिंग होम प्रबंधन से पूछताछ की तैयारी की जा रही है।
घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में आया है और नर्सिंग होम की कार्यप्रणाली, लाइसेंस और इलाज प्रक्रिया की जांच किए जाने की संभावना जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले भी इस नर्सिंग होम को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं, जिससे अब इस घटना ने चिकित्सा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
