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कोलकाता, 31 जुलाई । पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बीरभूम में राजस्व घोटाले को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में पिछले 15 वर्षों के दौरान लगभग 15 हजार करोड़ रुपये के सरकारी राजस्व की चोरी हुई। मुख्यमंत्री का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर अवैध खनन और राजस्व की हेराफेरी तत्कालीन सरकार के संरक्षण के बिना संभव नहीं थी।

शुक्रवार को कोलकाता में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने कहा कि अवैध पत्थर कारोबार और राजस्व चोरी का एक संगठित नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था। इस पूरे मामले में कई सरकारी विभागों की भूमिका की जांच की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शीर्ष स्तर से मिले संरक्षण के कारण संबंधित अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय आंखें मूंदे रहे।

मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि संस्थागत भ्रष्टाचार तभी पनपता है, जब व्यवस्था के सर्वोच्च स्तर से उसे संरक्षण मिले। हालांकि, उनके इन आरोपों पर तृणमूल कांग्रेस या ममता बनर्जी की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि फरार पत्थर कारोबारी टुलू मंडल के खिलाफ चल रही कार्रवाई के दौरान अब तक 28.5 करोड़ रुपये नकद और 15 किलोग्राम सोना बरामद किया जा चुका है। इसके अलावा उसके 93 करोड़ रुपये जमा वाले बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है।

जांच एजेंसियों ने टुलू मंडल की 21 संपत्तियों की पहचान की है, जिनमें सात मकान, एक फार्महाउस, दो पेट्रोल पंप, एक पार्किंग परिसर, पत्थर की खदानें, क्रशर इकाइयां और करीब 300 बीघा जमीन शामिल है। इन परिसंपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा 242 वाहनों, जिनमें कई लग्जरी कारें शामिल हैं, की भी पहचान की गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार नकदी, सोना, आभूषण और अन्य संपत्तियों सहित अब तक लगभग 150 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की जा चुकी है।

वहीं, पूर्व बर्धमान से जैश-ए-मोहम्मद के एक संदिग्ध सदस्य की गिरफ्तारी के मामले पर मुख्यमंत्री ने कोई टिप्पणी करने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि मामला संवेदनशील है और इसकी जांच विशेष कार्यबल (एसटीएफ) कर रहा है। मामले की विस्तृत जानकारी एक अगस्त को साझा की जाएगी।