कोलकाता, 03 अप्रैल । भर्ती घोटाले में आरोपित और हाल ही में जमानत पर रिहा हुए शांतनु बनर्जी तृणमूल कांग्रेस में वापसी के लिए प्रयासरत हैं। उनका कहना है कि चूंकि उनके खिलाफ दोष साबित नहीं हुआ है, इसलिए उन्हें भी पार्टी में वापस आने का अधिकार है। उन्होंने तृणमूल के वरिष्ठ नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी से मिलने की योजना बनाई है और लिखित आवेदन देने का मन बना लिया है। हालांकि, पार्टी उन्हें वापस स्वीकार करेगी या नहीं, यह सवाल राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

करीब दो साल पहले भर्ती घोटाले में शामिल होने के आरोप में हुगली के शांतनु बनर्जी को गिरफ्तार किया गया था। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद 20 मार्च को उन्हें जमानत मिल गई और वे जेल से बाहर आए। उन्होंने हुगली जिला परिषद का दौरा किया, जहां शिक्षा कर्माध्यक्ष सुबीर मुखर्जी से उनकी मुलाकात हुई। दोनों ने एक-दूसरे का अभिवादन किया और जिला परिषद के लंबित कार्यों पर चर्चा की। इस दौरान शांतनु ने खुलकर तृणमूल कांग्रेस में लौटने की इच्छा जताई।

शांतनु बनर्जी ने गुरुवार को कहा कि मैं एक आरोपित हूं, लेकिन अभी तक मेरे खिलाफ दोष साबित नहीं हुआ है। ऐसे कई लोग हैं जो आरोपित होते हुए भी पार्टी में बने हुए हैं, तो फिर मुझे क्यों बाहर रखा गया? उन्होंने आगे कहा कि वह जल्द ही अभिषेक बनर्जी को लिखित आवेदन देंगे, जिसमें पार्टी में वापसी की अपील के साथ-साथ कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की भी बात होगी।

शांतनु की इस पहल ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। पार्टी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक, तृणमूल नेतृत्व इस मामले को लेकर सतर्क रुख अपना सकता है। भर्ती घोटाले से जुड़ी कई कानूनी प्रक्रियाएं अभी भी जारी हैं, और ऐसे में पार्टी किसी भी विवादास्पद व्यक्ति को वापस लेने से पहले गहन विचार-विमर्श कर सकती है।