कोलकाता, 26 मार्च ।  नकली अधिकारियों द्वारा छापेमारी कर लूट की कई कहानियां फिल्मों में देखी गई हैं, लेकिन कोलकाता में यह हकीकत बन गई। एक प्रमोटर के घर पर आयकर अधिकारी बनकर पहुंचे सशस्त्र सीमा बल (सीआईएसएफ) के एक इंस्पेक्टर और चार कांस्टेबलों सहित कुल सात लोगों ने लाखों रुपये नकद और सोने के गहने लूट लिए। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार, यह घटना 18 मार्च की रात करीब दो बजे की है। कोलकाता के चिनार पार्क इलाके में स्थित एक मृत प्रमोटर के घर में नकली आयकर अधिकारी बनकर कुछ लोग पहुंचे। उन्होंने दरवाजे की घंटी बजाई, और जैसे ही घरवालों ने दरवाजा खोला, आरोपित अंदर घुस गए। सबसे पहले, उन्होंने परिवार के सभी सदस्यों के मोबाइल फोन छीन लिए और फिर प्रमोटर की मां के कमरे में घुसकर सर्च के बहाने लूटपाट की। आरोप है कि उन्होंने तीन लाख रुपये नकद और 20 तोला सोना लूट लिया।

हालांकि, आरोपितों ने प्रमोटर की सौतेली मां आरती सिंह के कमरे में जाने के बावजूद वहां से कुछ नहीं लिया। लेकिन, उन्होंने जबरदस्ती उनसे एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर करवा लिए।

इस घटना के बाद, मृत प्रमोटर की बेटी ने बागुईआटी थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के दौरान आरोपितों द्वारा इस्तेमाल की गई गाड़ी की पहचान की और उसके चालक दीपक राणा को हिरासत में लेकर पूछताछ की। तभी इस पूरी साजिश का खुलासा हुआ और सात आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार आरोपितों में फरक्का बैराज में तैनात सीआईएसएफ इंस्पेक्टर अमित कुमार सिंह, आर.जी. कर अस्पताल की महिला कांस्टेबल लक्ष्मी कुमारी, कांस्टेबल बिमल थापा, हेड कांस्टेबल रामू सरोज और कांस्टेबल जनार्दन शा शामिल हैं। इसके अलावा, प्रमोटर की दूसरी पत्नी और गाड़ी के चालक को भी गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस को जांच में पता चला है कि आरोपितों ने पूरी योजना पहले से बना रखी थी और उन्होंने नकली आयकर अधिकारी बनकर इस घटना को अंजाम दिया। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।