पलामू, 31 अगस्त । पलामू में झोला छाप डॉक्टर ने एक महिला की जान ले ली। इसके बाद शनिवार की रात से रविवार की सुबह 9 बजे तक हंगामा मचा रहा। मामला पांकी थाना क्षेत्र का है। थाना रोड में संचालित सोमी सेवा सदन में इलाज के दौरान पांकी के ही रहने वाले जितेंद्र कुमार भुईयां की पत्नी पूनम देवी की मौत हो गई। महिला की मौत के बाद फर्जी डॉक्टर एचएन झा फर्जी हॉस्पिटल को बंद कर  फरार हो गया।

मृतका के पति ने आरोप लगाया कि डॉक्टर की लपरवाही की वजह से उसकी पत्नी की मौत हुई है। उन्होंने बताया कि एक साल पहले इसी अस्पताल में डॉक्टर एचएन झा ने पत्नी का बंध्याकरण ऑपरेशन किया था। इसके बाद से उसकी तबियत खराब रहने लगी। एचएन झा आश्वस्त करते रहा कि वह ठीक कर देगा। शनिवार को पेट में तेज दर्द होने पर पत्नी को लेकर सोमी सेवा सदन पहुंचे। एचएन झा ने फिर ऑपरेशन कर दिया। एक ट्यूमर दिखाकर पेट से निकालने का दावा किया। इसके कुछ ही देर बाद मरीज का पेट फूल गया और मुंह – नाक से झाग आने लगा। ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर झा ने एक गाड़ी बुलाकर मेदिनीनगर में अपने पहचान के हॉस्पिटल भेज दिया। उस हॉस्पिटल में पहुंचने पर कहा गया कि मरीज की मौत एक घंटा पहले हो गई है।

गाड़ी वाला शव को छोड़कर भाग निकला। इसके बाद वह डेड बॉडी को लेकर पांकी के अस्पताल में पहुंचे तो डॉक्टर हॉस्पिटल बंद कर भाग निकला। घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय लोगों का आक्रोश भड़क गया। उन्होंने हॉस्पिटल पर कार्रवाई की मांग को लेकर पांकी–बालूमाथ मुख्य पथ को शव रखकर जाम कर दिया। जाम की वजह से घंटों तक वाहनों की लंबी कतार लगी रही।

मौके पर पांकी विधायक डॉ. शशि भूषण मेहता और सिविल सर्जन डॉ अनिल कुमार श्रीवास्तव पहुंचे। विधायक मेहता ने कहा कि पांकी इलाके में फर्जी हॉस्पिटल के कारण लोगों की जान जा रही है। ऐसे हॉस्पिटल के डॉक्टर से लेकर सभी स्टाफ पर एफआईआर दर्ज की जाए। सिविल सर्जन डॉ श्रीवास्तव ने कहा कि रजिस्टर्ड अस्पताल की सूची जारी की गई है। सीएचसी प्रभारी, सीओ और थाना प्रभारी को सूची उपलब्ध करा दिया गया है। सूची के अलावे जो हॉस्पिटल चल रहे हैं उन्हें सील किया जाएगा।

कार्रवाई पर आश्वासन के बाद जाम हटाया गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए एमएमसीएच भेजा गया।

इसी दौरान सिविल सर्जन के नेतृत्व में क्षेत्र के अन्य नर्सिंग होम की जांच की गई। जांच में सामने आया कि मरीज की मौत के बाद कुछ महीने पहले सील किया गया किरण सिंह क्लिनिक का सील टूटा हुआ है और वहां ईलाज की गतिविधियां चल रही थीं। साथ ही अन्य अस्पतालों में भी अनियमितताओं की पुष्टि हुई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई नया मामला नहीं है। हर बार मौत या हादसे के बाद जांच होती है, कुछ दिन कार्रवाई होती है और फिर हालात जस के तस हो जाते हैं।