कोलकाता, 5 अप्रैल । भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद अर्जुन सिंह को एक बार फिर जगदल थाने की पुलिस ने नोटिस भेजा है। उनसे शनिवार दोपहर तक लाइसेंस शुदा रिवॉल्वर थाने में जमा कराने को कहा गया है। इस पर  अर्जुन सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वह थाने नहीं जाएंगे। अर्जुन सिंह का आरोप है, “पुलिस के जरिए तृणमूल कांग्रेस मुझे मरवाना चाहती है। अदालत का आदेश हुआ तो ही मैं रिवॉल्वर जमा करूंगा।”

26 मार्च की रात जगद्दल मेघना मोड़ इलाके में मजदूरों के बीच झड़प हुई थी। सूचना पाकर अर्जुन सिंह अपने कुछ समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे। अर्जुन सिंह का दावा है कि वहां मौजूद असामाजिक तत्वों ने उन पर गोलीबारी की और भाग निकले। जवाबी कार्रवाई में अर्जुन सिंह के लोग भी पीछा करने लगे, जिसमें एक युवक घायल हो गया। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए अर्जुन सिंह को दो बार पूछताछ के लिए समन भेजा था, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद पुलिस ने भाटपाड़ा के ‘मजदूर भवन’ में जाकर उनसे पूछताछ की। पूछताछ के बाद अर्जुन सिंह निजी कार्य से राज्य से बाहर चले गए।

इस घटना के सिलसिले में बैरकपुर अदालत में मामला दर्ज हुआ, जहां से अर्जुन सिंह के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया। हालांकि अर्जुन सिंह ने तुरंत कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया और वहां से उन्हें अस्थायी राहत मिल गई। इसी बीच अब पुलिस ने उन्हें फिर से नोटिस भेजा है।

इस पूरे मामले पर अर्जुन सिंह के समर्थन में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष भी सामने आए हैं। दिलीप घोष ने चेतावनी दी है, “राज्य सरकार अर्जुन सिंह को जान से मारने की साजिश कर रही है। अगर अर्जुन सिंह को कोई नुकसान पहुंचा, तो भाजपा चुप नहीं बैठेगी।”