
कोडरमा, 30 अगस्त। जिले का सदर अस्पताल एक बार फिर लापरवाही के आरोपों को लेकर चर्चा में है। जहां कांग्रेस नेताओं ने अस्पताल की व्यवस्था सुधारने को लेकर अनशन शुरू किया है, वहीं इलाज में लापरवाही से एक मरीज की मौत ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हरदिया, नवादा (बिहार) निवासी सुरेश मांझी पिछले कुछ दिनों से सर्दी, खांसी और बुखार से पीडि़त था। शुक्रवार सुबह लगभग 11 बजे उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल कोडरमा लाया गया। चिकित्सक ने उन्हें भर्ती करने की सलाह दी, लेकिन परिजनों का आरोप है कि भर्ती होने के बाद न तो कोई चिकित्सक और न ही नर्स उनकी देखभाल के लिए आए।
शाम को जब उनकी हालत बिगड़ने लगी तो परिजन इमरजेंसी पहुंचे, जहां एक एएनएम ने इंजेक्शन लगाया। परिजनों के अनुसार, इंजेक्शन लगने के महज पांच मिनट के भीतर ही सुरेश मांझी की मौत हो गई। इसके बाद परिजन और अन्य लोग आक्रोशित हो उठे और अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
मृतक के परिजनों का कहना है कि मौके पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मी आरोपी एएनएम को वहां से भगा ले गए। परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल कर्मी अक्सर मरीजों और उनके परिजनों से दुर्व्यवहार करते हैं। उनका कहना था कि डॉक्टर और नर्स खुलकर कहते हैं कि “दुनिया में सिर्फ यही अस्पताल है क्या? यहां इलाज नहीं होता है तो कहीं और जाओ।”
उल्लेखनीय है कि सदर अस्पताल, कोडरमा में लापरवाही के मामले लगातार सामने आते रहते हैं। अस्पताल प्रशासन के भीतर वित्तीय अधिकारों को लेकर सिविल सर्जन और उपाधीक्षक के बीच विवाद की स्थिति भी बनी हुई है, जिससे व्यवस्थाएं और अधिक प्रभावित हो रही हैं।