
कोलकाता, 04 अप्रैल। दक्षिण 24 परगना ज़िले के पाथरप्रतिमा इलाके में हुए अवैध पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले में फरार चल रहे दूसरे आरोपित तुषार बनिक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वारदात के बाद से ही वह अपने एक रिश्तेदार के घर छिपा हुआ था, जहां से उसे गुरुवार देर रात को गिरफ्तार किया गया है। यह विस्फोट एक अप्रैल को हुआ था, जिसमें तीन बच्चों समेत कुल आठ लोगों की मौत हो गई थी।
इस विस्फोट के एक दिन बाद ही पुलिस ने तुषार के बड़े भाई और सह-आरोपित चंद्रकांत बनिक को गिरफ्तार कर लिया था। दोनों भाई उस मकान के मालिक हैं जहां अवैध रूप से पटाखा फैक्ट्री चलाई जा रही थी।
जिला पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि तुषार बनिक घटना के बाद से फरार था और एक रिश्तेदार के घर में छिपा हुआ था। स्थानीय ढोलाहाट थाने की पुलिस को जब इस संबंध में सुराग मिला, तो गुरुवार देर रात उस ठिकाने पर छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। तुषार बनिक को शुक्रवार दोपहर जिला अदालत में पेश किया गया है।
अधिकारी ने बताया कि चंद्रकांत बनिक को 2022 में अवैध पटाखा व्यापार के आरोप में पहले भी गिरफ्तार किया जा चुका है। 2023 में उसे ‘ग्रीन लाइसेंस’ देने से जिला प्रशासन ने इनकार कर दिया था, लेकिन उसने एक स्थानीय पंचायत से सामान्य व्यापार लाइसेंस लेकर अवैध गतिविधियां जारी रखी थीं।
पिछले कुछ वर्षों में पश्चिम बंगाल में अवैध पटाखा फैक्ट्रियों और गोदामों में हुए विस्फोटों में कई लोगों की जान जा चुकी है। इसी साल फरवरी में नदिया जिले के कल्याणी में एक पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट से चार लोगों की मौत हो गई थी। वर्ष 2023 में पूर्व मेदिनीपुर के एगरा में इसी तरह के विस्फोट में नौ लोगों की जान गई थी। इसके अलावा दक्षिण 24 परगना के बजबज और उत्तर 24 परगना के दत्तापुकुर में भी ऐसे ही हादसे हो चुके हैं।