कोलकाता, 28 फरवरी। पश्चिम बर्दवान जिले के पानागढ़ में हुए सड़क हादसे के चार दिन बाद पुलिस ने आखिरकार गुरुवार को सफेद कार के मालिक और चालक बबलू यादव को अंडाल से गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को जब उन्हें दुर्गापुर अदालत में पेश किया गया, तो पहली बार उन्होंने इस घटना पर चुप्पी तोड़ी। अदालत में ले जाते समय जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि हादसे के बाद वे क्यों भाग गए थे, तो बाबलू ने जवाब दिया, “मैं डर गया था, इसलिए भाग गया।”

पिछले रविवार रात पानागढ़ में हुए एक सड़क हादसे में चंदननगर की रहने वाली और इवेंट मैनेजमेंट कंपनी की संचालक सुतंद्रा चटर्जी (27) की मौत हो गई थी। प्रारंभिक आरोपों के मुताबिक, नशे में धुत कुछ युवकों ने अपनी सफेद कार से सुतंद्रा की नीली कार का पीछा किया और बार-बार टक्कर मारी, जिससे उसकी गाड़ी पलट गई और मौके पर ही सुतंद्रा की मौत हो गई। यह दावा सुतंद्रा के साथ कार में मौजूद उसके सहकर्मियों ने किया था।

हालांकि, पुलिस का कहना है कि ऐसा कुछ नहीं हुआ। पुलिस जांच में सामने आया कि दरअसल, सुतंद्रा की कार ने ही सफेद कार का पीछा किया था, और रेस के दौरान यह हादसा हुआ। लेकिन फिर भी पुलिस ने सफेद कार के मालिक बबलू यादव को क्यों नहीं गिरफ्तार किया, इस पर सवाल उठने लगे थे। इसी दबाव के बीच गुरुवार को पुलिस ने बबलू को गिरफ्तार किया।

जांच में पुलिस ने पाया कि सफेद कार बबलू यादव की थी और उसी रात वह खुद इसे चला रहा था। बबलू का गाड़ियों के स्पेयर पार्ट्स का कारोबार है। लेकिन पुलिस ने उसे तुरंत गिरफ्तार नहीं किया, जिससे मृतका की मां तनुश्री चटर्जी ने सोमवार को कांकसा थाने जाकर सवाल उठाया था।

बबलू की गिरफ्तारी के बाद तनुश्री चटर्जी ने कहा कि सफेद कार में और भी लोग थे, उन्हें अब तक क्यों नहीं पकड़ा गया? मेरी बेटी की कार में मौजूद लोगों से भी पूछताछ होनी चाहिए। सच्चाई सामने आनी चाहिए। हमें न्याय चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।

बबलू यादव का घर पानागढ़ के राइस मिल रोड के पास एक संकरी गली के अंत में है। इसी सड़क पर रविवार रात यह हादसा हुआ था। स्थानीय लोगों के मुताबिक, बबलू का परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश का है। उसके दादा पानागढ़ आकर एक दुकान में काम करने लगे थे। लगभग आठ साल पहले बबलू ने खुद का गाड़ियों के स्पेयर पार्ट्स का बिजनेस शुरू किया था।

बबलू का नाम पहले भी विवादों में रह चुका है। फरवरी 2024 में, उसे चोरी के गाड़ी के पार्ट्स खरीदने के आरोप में बुदबुद थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया था, लेकिन तीन दिन बाद उसे जमानत मिल गई। इसके बाद से ही उसका कारोबार तेजी से बढ़ा और इलाके में उसकी पहुंच भी मजबूत हो गई।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बबलू की दुकान में काम करने वाले एक कर्मचारी का पैर चोटिल हो गया था, जिसे देखने के लिए वह रविवार शाम करीब सात बजे चार-पांच कर्मचारियों के साथ बर्दवान मेडिकल कॉलेज अस्पताल गया था। लौटते समय यह हादसा हुआ।

अब पुलिस यह जांच कर रही है कि उस रात बबलू की कार में और कौन-कौन मौजूद था, और क्या सच में यह हादसा कार रेस के कारण हुआ था या फिर सुतंद्रा की कार का पीछा करने और टक्कर मारने का आरोप सही है। पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच कर रही है।