
बीकानेर, 22 जनवरी। महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय (एमजीएसयू) के इतिहास विभाग द्वारा विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन के उद्देश्य से राजस्थानी लघु चित्र शैली के इतिहास और प्रभाव विषय पर एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में बीकानेर शैली की मिनिएचर पेंटिंग्स के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्यात कलाकार महावीर स्वामी ने विद्यार्थियों को लघु चित्रकला की बारीकियों से परिचित कराया।
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुई। इसके पश्चात इतिहास विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. मेघना शर्मा ने स्वागत उद्बोधन देते हुए विषय प्रवर्तन किया। उन्होंने कहा कि राजस्थानी लघु चित्र शैली में पौराणिक, धार्मिक एवं राजसी दृश्यों का सशक्त चित्रण मिलता है, जिसमें सुनहरे रंगों का विशेष प्रयोग होता है। उन्होंने अतिथि कलाकार महावीर स्वामी के कृतित्व और अंतरराष्ट्रीय पहचान पर भी प्रकाश डाला। डॉ. मेघना शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप विद्यार्थियों में उद्यमशीलता और रचनात्मक सोच विकसित करने के उद्देश्य से इस प्रकार के आयोजन किए जा रहे हैं।
अपने उद्बोधन में कलाकार महावीर स्वामी ने पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से लघु चित्र शैली के ऐतिहासिक विकास और वैश्विक प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने अपने संग्रह से बारहमासी श्रृंखला का आषाढ़ लघु चित्र, अमेरिका के ब्रुकलिन एवं फिलाडेल्फिया संग्रहालयों में प्रदर्शित ‘बैकुंठ दर्शन’, अपने गुरु के साथ वार्ता करते बीकानेर के महाराजा सूरत सिंह, रामायण श्रृंखला से ‘लक्ष्मण मूर्छा’ तथा 16वीं सदी के कुंभ मेले से संबंधित लघु चित्रों को स्लाइड के माध्यम से प्रदर्शित किया।
दक्षिण कोरिया के चित्रकार बे सुंग वॉन ने विशिष्ट अतिथि के रूप में दक्षिण कोरिया में मिनिएचर पेंटिंग्स के प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए भारतीय चित्रकला सीखने की अपनी यात्रा साझा की।
कार्यशाला का मंच संचालन करते हुए आयोजन सचिव डॉ. खुशाल पुरोहित ने इसकी प्रासंगिकता पर विचार रखे तथा जापान के अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त चित्रकार ओसामु तेज़ुका की उन पुस्तकों को विद्यार्थियों के समक्ष प्रस्तुत किया, जो बुद्ध के जीवन पर आधारित मंगा कला से संबंधित हैं और जिन्हें कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है।
अंत में डॉ. रीतेश व्यास ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। कार्यशाला में अतिथि शिक्षकों डॉ. मुकेश हर्ष, डॉ. गोपाल व्यास, रिंकू जोशी, जसप्रीत सिंह, भगवान दास सुथार, किरण, रामोवतार उपाध्याय, डॉ. नमामी शंकर आचार्य सहित विभाग के सदस्य तेजपाल भारती, उमेश पुरोहित तथा लगभग 120 विद्यार्थी उपस्थित रहे।








