नई दिल्ली, 2 अप्रैल । भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने देश में राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना के विकास की दिशा में वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान जबर्दस्त प्रगति की है। प्राधिकरण ने इस दौरान निर्धारित 5,150 किलोमीटर के लक्ष्य के मुकाबले 5,614 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण किया। यह जानकारी आज यहां एक सरकारी प्रवक्ता ने दी।

इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना के विकास के लिए वित्त वर्ष 2024-25 में एनएचएआई द्वारा पूंजीगत व्यय 2,40,000 करोड़ रुपये के लक्ष्य व्यय के मुकाबले 2,50,000 करोड़ रुपये (अनंतिम) से अधिक के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। एनएचएआई द्वारा किसी वित्तीय वर्ष में अब तक के इस सबसे अधिक पूंजीगत व्यय में सरकारी बजटीय सहायता और एनएचएआई के अपने संसाधन दोनों शामिल है। वित्त वर्ष 2023-24 में 2,07,000 करोड़ रुपये की तुलना में कुल पूंजीगत व्यय में लगभग 21 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और वित्त वर्ष 2022-23 में 1,73,000 करोड़ रुपये की तुलना में लगभग 45 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

वित्त वर्ष 2024-2025 के दौरान एनएचएआई ने मुद्रीकरण के लिए तीन तरीकों का लाभ उठाया, जिसमें टोल ऑपरेट ट्रांसफर (टीओटी), इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (इन्वआईटी) और टोल सिक्योरिटाइजेशन शामिल थे। वित्तीय वर्ष के दौरान एनएचएआई ने कुल 28,724 करोड़ रुपये की परिसंपत्तियों का मुद्रीकरण किया।