कोलकाता, 01 जनवरी । उत्तर 24 परगना जिले के स्वरुपनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत स्वारुपदा गांव में चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी एसआईआर प्रक्रिया से जुड़ी सुनवाई में शामिल होने के कुछ दिनों बाद एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान स्वारुपनगर निवासी सुल्तान सरदार (60) के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, 27 दिसंबर 2025 को सुनवाई से लौटने के बाद व्यक्ति की तबीयत बिगड़ गई थी और गुरुवार को हृदयाघात से उसकी मृत्यु हो गई।
बताया गया है कि वर्ष 2002 की मतदाता सूची में उनका नाम दर्ज नहीं था। इसी को लेकर हाल में चल रही एसआईआर प्रक्रिया के तहत उन्हें सुनवाई के लिए नोटिस भेजा गया था।
परिजनों के अनुसार, 27 दिसंबर को सुल्तान स्वारुपनगर प्रखंड विकास कार्यालय में सुनवाई के लिए गए थे। वहां अधिकारियों ने उनके दस्तावेजों में कथित विसंगतियों की बात कही, जिसके बाद वह काफी चिंतित और व्यथित हो गए। सुनवाई से लौटने के बाद से ही उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई और कई दिनों तक अस्वस्थ रहने के बाद गुरुवार सुबह उन्हें दिल का दौरा पड़ा, जिससे उनकी मौत हो गई।
परिवार के सदस्यों ने बताया कि सुल्तान लंबे समय से उसी इलाके में रह रहे थे, लेकिन पहचान से जुड़े कुछ दस्तावेजों को लेकर समस्या थी। वर्ष 2002 में जब राज्य में पिछली बार एसआईआर प्रक्रिया हुई थी, उस समय वह प्रवासी मजदूर के रूप में दूसरे राज्य में काम कर रहे थे। इसी कारण उनके माता-पिता के नाम तो मतदाता सूची में थे, लेकिन उनका नाम शामिल नहीं हो सका।
मृतक की पत्नी दिलवारा बीबी ने बताया कि सुनवाई के दौरान दस्तावेजों में कमी की बात सुनकर उनके पति बेहद तनाव में आ गए थे। उन्होंने घर लौटने के बाद बार बार चिंता जताई कि इस उम्र में बच्चों और परिवार को छोड़कर वह कहां जाएंगे। परिवार का आरोप है कि इसी मानसिक दबाव के चलते उनकी सेहत पर गहरा असर पड़ा।
सुल्तान के बेटे उस्मान ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया ने उनके पिता के मन में भय पैदा कर दिया था। उनका कहना है कि इस डर की वजह से ही उनके पिता की जान गई और ऐसी प्रक्रिया को तत्काल रोका जाना चाहिए।
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, स्वरुपनगर थाने में अब तक इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की पड़ताल की जा रही है।







