कोलकाता, 02 अप्रैल । पश्चिम बंगाल सरकार अब सभी सरकारी परियोजनाओं की निगरानी तेज करने के लिए एक नई व्यवस्था लागू कर रही है। सरकार ने आदेश दिया है कि राज्य के हर विभाग को अपनी सभी परियोजनाओं की जानकारी ‘यूनिफाइड प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सिस्टम’ (यूपीएमएस) पोर्टल पर पंजीकृत करनी होगी। यह प्रक्रिया मंगलवार से प्रभावी हो चुकी है।

राज्य के वित्त विभाग ने एक अधिसूचना जारी कर बताया कि अब तक केवल लोक निर्माण, सार्वजनिक स्वास्थ्य यांत्रिकी, सिंचाई, जल संसाधन, केएमडीए और पश्चिमांचल विकास विभाग की परियोजनाओं की जानकारी इस पोर्टल पर दी जाती थी। लेकिन अब सभी विभागों को अपनी योजनाओं का पूरा विवरण नियमित रूप से अपडेट करना होगा।

राज्य सरकार का मानना है कि इससे परियोजनाओं की प्रगति पर नजर रखना आसान होगा और कार्यों में तेजी आएगी। सरकार ने प्रशासनिक अधिकारियों के लिए एक विशेष ऐप की भी व्यवस्था की है, जिससे वे सीधे फील्ड से रिपोर्ट अपडेट कर सकेंगे।

वित्त राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य सभी सरकारी परियोजनाओं की सुचारु निगरानी सुनिश्चित करना है। हालांकि, प्रशासन और सत्तारूढ़ दल के कई नेताओं का मानना है कि इस कदम का 2026 के विधानसभा चुनावों से भी संबंध हो सकता है।

तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं का मानना है कि सरकारी कार्यों में नौकरशाही की सुस्ती और समुचित ‘फॉलो-अप’ की कमी के कारण जनता तक सुविधाएं समय पर नहीं पहुंच पा रही हैं। इससे पार्टी की छवि प्रभावित हो रही है। उनके अनुसार, चुनाव में वोट तो राजनीतिक दलों को ही मिलते हैं, लेकिन सरकारी अफसरों की कार्यशैली के लिए जवाबदेह कार्यकर्ताओं को ही लेनी पड़ती है। इसी कारण सभी विभागों की परियोजनाओं की निगरानी को अनिवार्य किया गया है।

राज्य सरकार के अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का एक प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी कार्यों की गति बढ़ाना है। 2024 के लोकसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को ग्रामीण इलाकों में अच्छा प्रदर्शन मिला था, जबकि शहरी क्षेत्रों में झटका लगा था। आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए पार्टी इस ग्रामीण समर्थन को और मजबूत करना चाहती है।

हालांकि, कुछ अधिकारियों का मानना है कि यह केवल ग्रामीण इलाकों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे राज्य में सरकारी परियोजनाओं को गति देने की व्यापक योजना है। राज्य सरकार पहले ही ग्रामीण विकास पर जोर दे चुकी है, जिसे हालिया बजट में देखा गया था, जहां पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग को सर्वाधिक फंड आवंटित किया गया था।

पिछले कुछ वर्षों में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कई प्रशासनिक बैठकों में सरकारी कार्यों की निगरानी की कमी को लेकर नाराजगी जताई थी। उन्होंने इस पर चिंता व्यक्त की थी कि कई योजनाएं शुरू होने के बाद भी बीच में अटक जाती हैं और सरकार को इसकी जानकारी समय पर नहीं मिलती। अब सभी विभागों को केंद्रीय पोर्टल पर परियोजनाओं की पूरी जानकारी अपडेट करने का आदेश दिया गया है।

सरकार को उम्मीद है कि इस नए सिस्टम से सरकारी परियोजनाओं की निगरानी और अमल में तेजी आएगी, जिससे जनता को समय पर लाभ मिल सकेगा।