
कोलकाता, 5 अप्रैल । कोलकाता पुलिस ने एक अंतरराज्यीय फर्जीवाड़ा गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए शनिवार सुबह एक युवक को गिरफ्तार किया, जो बिहार में बने फर्जी जन्म प्रमाणपत्र का उपयोग कर पश्चिम बंगाल में भारतीय पासपोर्ट के लिए आवेदन कर रहा था। गिरफ्तार आरोपित की पहचान आजाद आलम के रूप में हुई है, जिसे दक्षिण कोलकाता के गार्डन रीच इलाके से पकड़ा गया।
पुलिस के मुताबिक, आलम ने पासपोर्ट आवेदन के दौरान जो जन्म प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया था, वह जांच में फर्जी पाया गया। पूछताछ के दौरान आलम ने खुलासा किया कि उसने बिहार निवासी एक एजेंट की मदद से यह फर्जी प्रमाणपत्र प्राप्त किया था।
कोलकाता पुलिस के सुरक्षा नियंत्रण संगठन (एससीओ) के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही बिहार पुलिस से संपर्क कर संयुक्त जांच शुरू की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर एक विशेष टीम बिहार भेजी जा सकती है।
सूत्रों के अनुसार, यह पहला मामला है जब बिहार से जारी फर्जी जन्म प्रमाणपत्र का उपयोग बंगाल में पासपोर्ट आवेदन के लिए किया गया है। हाल के दिनों में कोलकाता पुलिस ने अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के लिए फर्जी भारतीय पहचान पत्र और पासपोर्ट बनाने वाले गिरोहों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया है, जिसमें एक सेवानिवृत्त पुलिस उपनिरीक्षक समेत कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
जांचकर्ताओं के अनुसार, इन गिरोहों का तरीका बेहद सुनियोजित होता है। अवैध घुसपैठिए सबसे पहले स्थानीय एजेंटों से संपर्क कर मोटी रकम चुकाने के एवज में फर्जी दस्तावेज बनवाने की इच्छा जाहिर करते हैं। इसके बाद उन्हें बांग्लादेश सीमा से सटे गांवों में सुरक्षित ठिकाना मुहैया कराया जाता है। फिर उनके लिए फर्जी जन्म प्रमाणपत्र और राशन कार्ड तैयार किए जाते हैं, जिनके आधार पर वोटर आईडी, पैन कार्ड, आधार कार्ड और अंततः भारतीय पासपोर्ट भी बनवाए जाते हैं।