
रांची, 30 जनवरी । झारखंड में शराब की बिक्री से चालू वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार को रिकॉर्ड राजस्व मिलने की उम्मीद है। उत्पाद विभाग के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2025-26 में शराब बिक्री से सरकार को 3885 करोड़ रुपये से अधिक की आमदनी हो सकती है। फिलहाल राज्य सरकार 3400 करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व पहले ही हासिल कर चुकी है।
उत्पाद विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो ने दावा किया है कि वित्तीय वर्ष के अंत तक तय राजस्व लक्ष्य पूरी तरह हासिल कर लिया जाएगा। विभाग का मानना है कि बीते वर्षों की तुलना में इस बार शराब से होने वाली कमाई में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो राज्य के राजस्व के लिए अहम साबित होगी।
राजस्व में बढ़ोतरी के साथ-साथ सरकार अवैध शराब कारोबार पर भी सख्ती करने की तैयारी में है। उत्पाद विभाग ने अवैध शराब की तस्करी रोकने के लिए हाई-टेक मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करने का फैसला लिया है। इसके तहत झारखंड के 32 एंट्री और एग्जिट प्वाइंट्स पर बड़े स्तर पर बदलाव किए जाएंगे।
इन स्थानों पर हाई-टेक स्कैनिंग कैमरे, आधुनिक चेक पोस्ट और मजबूत बैरिकेडिंग सिस्टम लगाए जाएंगे, जिससे शराब की अवैध ढुलाई करने वाले वाहनों की पहचान तुरंत की जा सके। विभाग का कहना है कि इस तकनीक के जरिए तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।
इसके अलावा राज्य के बॉटलिंग प्लांट्स पर भी निगरानी और सख्त की जाएगी। उत्पादन से लेकर वितरण तक हर स्तर पर टेक्नोलॉजी आधारित मॉनिटरिंग की योजना है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके।






