रांची, 29 अगस्त । झारखंड पुलिस ने जुलाई माह में नक्सलियों और अपराधियों के खिलाफ चलाए गए अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। इस दौरान पुलिस ने 28 नक्सलियों को गिरफ्तार किया, जिनमें जेजेएमपी का एरिया कमांडर प्रवीण एक्का भी शामिल है। इसके अलावा लातेहार जिले में पांच लाख रुपये के इनामी नक्सली लवलेश गंझू ने आत्मसमर्पण किया, जबकि पुलिस मुठभेड़ में चार नक्सली मारे गए। इनमें पांच लाख का इनामी नक्सली कुंवर मांझी भी शामिल था।

भारी मात्रा में हथियार-गोला बारूद जब्त

पुलिस महानिरीक्षक (अभियान) माइकल राज एस ने शुक्रवार को रांची में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी कि जुलाई महीने में पुलिस ने नक्सलियों के पास से 10 हथियार (5 लूटे गए पुलिस हथियार और 5 देसी हथियार), 544 गोलियां, 18,020 डेटोनेटर, 95 आईईडी बरामद कर नष्ट किए और पांच बंकरों को ध्वस्त किया। चाईबासा जिले में नक्सलियों से 35.02 लाख रुपये की लेवी राशि भी जब्त की गई।

ट्रैफिक उल्लंघन पर सख्ती

आईजी ने बताया कि जुलाई माह में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले 1,33,184 वाहन चालकों पर कार्रवाई की गई। इनमें अधिकतर दोपहिया वाहन चालक थे। तेज रफ्तार, गलत दिशा, बिना लाइसेंस, सीट बेल्ट और हेलमेट न लगाने, मोबाइल फोन के इस्तेमाल और नशे में वाहन चलाने जैसे मामलों में चालान काटे गए।

साइबर अपराध पर नकेल

पुलिस ने साइबर अपराधों पर भी कार्रवाई तेज की है। जुलाई में साइबर अपराध से जुड़े 108 मामलों में 38 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से 78 मोबाइल, 97 सिम कार्ड, 24 एटीएम कार्ड और 1.82 लाख रुपये नकद बरामद किए गए।

डायल-1930 साइबर हेल्पलाइन के माध्यम से 2,073 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 2.19 करोड़ रुपये फ्रीज किए गए और न्यायालय के आदेश पर 32.27 लाख रुपये पीड़ितों को लौटाए गए। प्रतिबिम्ब ऐप का इस्तेमाल कर चार मामलों में 11 अपराधी पकड़े गए।

अन्य उपलब्धियां

जुलाई माह में पुलिस ने 7298 वारंट निष्पादित किए और 2333 गिरफ्तारियां कीं। साथ ही 171 वाहन, 82 हथियार और 354 गोलियां जब्त की गईं। यौन अपराधों की त्वरित जांच के लिए बनाए गए आईटीएसएसओ सिस्टम के तहत 278 मामलों को 60 दिनों में निपटाया गया।

इसके अलावा सड़क सुरक्षा अभियान के तहत करीब 94,823 लोगों को जागरूक किया गया और पुलिसकर्मियों को प्राथमिक चिकित्सा व तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया।

आईजी ने कहा कि डीजीपी के निर्देश पर अपराध, नक्सलवाद और साइबर अपराधों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है और इसमें लगातार सफलता मिल रही है।