
रांची/खूंटी/पश्चिमी सिंहभूम, 17 जनवरी । खूंटी के पड़हा राजा एवं झारखंड आंदोलनकारी सोमा मुंडा की हत्या के विरोध में शनिवार को विभिन्न आदिवासी संगठनों द्वारा आहूत झारखंड बंद का व्यापक असर राज्यभर में देखने को मिला। राजधानी रांची सहित खूंटी और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में बंद के कारण जनजीवन पूरी तरह प्रभावित रहा। कई स्थानों पर सड़क जाम, टायर जलाकर प्रदर्शन और बाजार बंद रहने से सामान्य आवागमन बाधित हो गया।
रांची में सड़कें जाम, दुकानें बंद
राजधानी रांची में अल्बर्ट एक्का चौक, करमटोली चौक, पिठौरिया समेत कई प्रमुख इलाकों में बंद का असर साफ दिखाई दिया। केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष बबलू मुंडा के नेतृत्व में विभिन्न आदिवासी संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने हत्या के आरोपितों को फांसी देने और पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय दिलाने की मांग की।

अल्बर्ट एक्का चौक के आसपास अधिकांश दुकानें बंद रहीं। जो दुकानें खुली थीं, उन्हें भी बंद समर्थकों ने बंद करा दिया। प्रदर्शनकारियों ने रस्सी लगाकर सड़क को अवरुद्ध कर दिया, जिससे मेन रोड से आने वाले वाहनों को प्लाजा रोड की ओर डायवर्ट करना पड़ा। वहीं करमटोली चौक पर टायर जलाकर सड़क जाम कर दिया गया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया और लंबा जाम लग गया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सोमा मुंडा की हत्या आदिवासी समाज के खिलाफ सुनियोजित साजिश है और अब तक मुख्य साजिशकर्ताओं की गिरफ्तारी नहीं होना सरकार और प्रशासन की उदासीनता को दर्शाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
इस दौरान आदिवासी छात्र संघ के अध्यक्ष विवेक तिर्की, सुरेंद्र लिंडा, कुमुद कुमार वर्मा सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
बंद को देखते हुए राजधानी में पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में रहा। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई। बंद के दौरान पुलिस ने बबलू मुंडा सहित आठ लोगों को हिरासत में लिया है। सार्वजनिक परिवहन प्रभावित होने से आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

पश्चिमी सिंहभूम में जनजीवन पूरी तरह ठप
पश्चिमी सिंहभूम जिले में भी झारखंड बंद का व्यापक असर देखने को मिला। सुबह से ही सड़कें सूनी रहीं और अधिकांश दुकानें एवं प्रतिष्ठान बंद रहे। आदिवासी मुंडा समाज, आदिवासी एकता मंच, आदिवासी स्वशासन एकता मंच और आदिवासी हो महासभा सहित कई संगठनों के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए।
चाईबासा के गीतिलपी चौक और चाईबासा–हाता मुख्य सड़क पर बाईपास चौक के पास टायर जलाकर सड़क जाम कर दी गई, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
चाईबासा बस स्टैंड से रांची, जमशेदपुर, जगन्नाथपुर सहित अन्य स्थानों के लिए चलने वाली बस सेवाएं पूरी तरह बंद रहीं। जगन्नाथपुर और चक्रधरपुर अनुमंडल में बंद का मिला-जुला असर देखा गया।
आदिवासी संगठनों ने आरोप लगाया कि अब तक की गई गिरफ्तारियां केवल खानापूर्ति हैं और हत्या के असली शूटर, मुख्य साजिशकर्ता एवं भूमि माफिया अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। उन्होंने इस हत्याकांड को जमीन, जंगल और जल की रक्षा के लिए उठने वाली आवाज को दबाने की साजिश बताया।

खूंटी जिले में सड़क जाम, यातायात ठप
खूंटी जिले में बंद का सबसे अधिक असर देखने को मिला। खूंटी, तोरपा, मारचा, कर्रा, रनिया सहित कई स्थानों पर बंद समर्थकों ने सड़क जाम कर दिया। जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण इलाकों में सभी दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। यात्री वाहनों का परिचालन पूरी तरह ठप रहा।
उल्लेखनीय है कि आबुआ झारखंड पार्टी के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं पड़हा राजा सोमा मुंडा की 7 जनवरी को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में अब तक सात आरोपितों को गिरफ्तार किया है, लेकिन मुख्य साजिशकर्ता और शूटर अब भी फरार हैं।
आदिवासी संगठनों ने आरोप लगाया कि पुलिस जनदबाव में निर्दोष लोगों को गिरफ्तार कर मामले की लीपापोती करने का प्रयास कर रही है। बंद को सफल बनाने के लिए शुक्रवार की शाम मशाल जुलूस भी निकाला गया था।






