हटिया गांजा बरामद

रांची/पूर्वी सिंहभूम, 13 फरवरी । रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने ‘ऑपरेशन नारकोस’ के तहत झारखंड के दो प्रमुख स्टेशनों पर कार्रवाई करते हुए कुल 23.5 किलोग्राम गांजा जब्त किया है। अलग-अलग मामलों में तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। बरामद मादक पदार्थ की कुल अनुमानित कीमत लगभग 11.75 लाख रुपये आंकी गई है।

हटिया स्टेशन से 7.5 किलो गांजा के साथ एक गिरफ्तार

आरपीएफ ने हटिया रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या तीन से 7.5 किलोग्राम गांजा के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान मोहन प्रसाद के रूप में हुई है, जो बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के रक्सौल थाना क्षेत्र का निवासी बताया गया है।

आरपीएफ के उपनिरीक्षक दीपक कुमार ने बताया कि रांची मंडल के कमांडेंट पवन कुमार के निर्देश पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में संदिग्ध अवस्था में बैठे एक व्यक्ति की तलाशी लेने पर उसके हल्के हरे रंग के ट्रॉली बैग से भूरे प्लास्टिक में लिपटे नौ पैकेट गांजा बरामद हुए। जब्त गांजा की अनुमानित कीमत 3.75 लाख रुपये बताई गई है।

पूछताछ में आरोपित ने बताया कि वह गांजा ओडिशा के संबलपुर स्थित धनपाली क्षेत्र से रंजीत कुमार पंडित नामक व्यक्ति के माध्यम से लेकर रक्सौल ले जा रहा था। विधिसम्मत कार्रवाई के बाद आरोपित और जब्त गांजा को आगे की कार्रवाई के लिए जीआरपी हटिया को सौंप दिया गया।

टाटानगर स्टेशन से 16 किलो गांजा, दो तस्कर गिरफ्तार

उधर, पूर्वी सिंहभूम जिले के टाटानगर रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने 16 किलोग्राम गांजा के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया। बरामद गांजा की अनुमानित बाजार कीमत करीब आठ लाख रुपये आंकी गई है।

आरपीएफ पदाधिकारी राकेश महतो ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों की पहचान तबरेज आलम और नेयाज अहमद के रूप में हुई है। दोनों पश्चिमी चंपारण जिले के बेतिया क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने खुलासा किया कि वे ओडिशा के रूपरा रोड स्टेशन से गांजा लेकर ट्रेन के माध्यम से टाटानगर पहुंचे थे और वहां से पटना होते हुए बेतिया ले जाने की योजना थी।

वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त पी. शंकर कुटी के निर्देश पर चलाए गए विशेष जांच अभियान के दौरान दोनों को संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर हिरासत में लिया गया। तलाशी के दौरान उनके पास से गांजा बरामद किया गया, जिसे तत्काल जब्त कर लिया गया।

आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि रेलवे परिसर में अवैध गतिविधियों और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ ‘ऑपरेशन नारकोस’ के तहत अभियान लगातार जारी रहेगा। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा इसकी जड़ें कहां तक फैली हैं।