फिल्मी सितारों के खिलाफ एफआईआर

अदालत के आदेश पर साकची थाना में नई एफआईआर, 8 लाख रुपये निवेश की शिकायत

रांची/जमशेदपुर, 31 जनवरी। झारखंड के जमशेदपुर में गाजियाबाद स्थित मैक्सीजोन टच प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ निवेश गबन का एक और गंभीर मामला सामने आया है। अदालत के आदेश पर साकची थाने में दर्ज इस नई प्राथमिकी में फिल्म अभिनेता एवं सांसद मनोज तिवारी, अभिनेता गोविंदा, चंकी पांडेय, शक्ति कपूर समेत कंपनी के निदेशक चंद्रभूषण सिंह, उनकी पत्नी प्रियंका सिंह और जमशेदपुर शाखा प्रबंधक शिव नारायण पात्रो को आरोपी बनाया गया है।

यह एफआईआर बर्मामाइंस थाना क्षेत्र निवासी जसपाल सिंह की शिकायत पर दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने मैक्सीजोन कंपनी की निवेश योजना से प्रभावित होकर करीब 8 लाख रुपये का निवेश किया था। कंपनी की ओर से हर माह 15 प्रतिशत तक रिटर्न देने का भरोसा दिया गया था, लेकिन न तो समय पर ब्याज दिया गया और न ही बाद में मूलधन लौटाया गया।

अदालत के निर्देश पर एफआईआर दर्ज

साकची थाना प्रभारी आनंद मिश्रा ने बताया कि शिकायतकर्ता द्वारा अदालत में याचिका दायर किए जाने के बाद न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सभी आरोपों की तथ्यात्मक जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिल्मी सितारों के प्रचार से बना भरोसा

शिकायतकर्ता जसपाल सिंह ने बताया कि निवेश से पहले उन्हें कंपनी से जुड़े कई फिल्मी कलाकारों के विज्ञापन, प्रचार सामग्री और भव्य आयोजनों के वीडियो दिखाए गए थे। बड़े मंच, चमक-दमक और नामी कलाकारों की मौजूदगी से उन्हें यह विश्वास हुआ कि कंपनी पूरी तरह सुरक्षित और भरोसेमंद है।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जमशेदपुर शाखा के प्रबंधक शिव नारायण पात्रो ने कथित तौर पर कहा था कि कंपनी को बड़े फिल्मी सितारों का समर्थन प्राप्त है, जिससे उनका भरोसा और मजबूत हुआ।शिकायतकर्ता के अनुसार, तय अवधि बीतने के बाद जब उन्होंने ब्याज और फिर मूल राशि की मांग की, तो कंपनी की ओर से लगातार टालमटोल की गई। बार-बार संपर्क के बावजूद भुगतान नहीं होने पर उन्हें ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने कानूनी रास्ता अपनाया।

पहले से न्यायिक हिरासत में हैं कंपनी के निदेशक

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मैक्सीजोन टच प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक चंद्रभूषण सिंह और प्रियंका सिंह बिहार के वैशाली जिले के निवासी हैं। दोनों को पिछले वर्ष कोडरमा रेलवे स्टेशन से राजधानी एक्सप्रेस से गिरफ्तार किया गया था और फिलहाल वे न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। कंपनी के खिलाफ पहले भी देश के विभिन्न हिस्सों में धोखाधड़ी और गबन के कई मामले दर्ज हो चुके हैं।

600 करोड़ से अधिक के घोटाले का संदेह

जांच एजेंसियों के मुताबिक, मैक्सीजोन कंपनी पर 600 करोड़ रुपये से अधिक की राशि गबन करने का संदेह है। बताया जाता है कि इस कथित घोटाले से 25 हजार से अधिक निवेशक प्रभावित हुए हैं। कंपनी का मुख्य संचालन जमशेदपुर के साकची इलाके से किया जाता था।

कलाकारों की भूमिका की होगी जांच

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ताजा एफआईआर में नामजद सभी आरोपियों की भूमिका की जांच की जाएगी। विशेष रूप से यह देखा जाएगा कि नामी कलाकार केवल ब्रांड प्रमोशन तक सीमित थे या उन्होंने सीधे तौर पर निवेश के लिए लोगों को प्रेरित किया। इसके लिए प्रचार कार्यक्रमों के वीडियो, विज्ञापन सामग्री, कंपनी-कलाकारों के बीच हुए अनुबंध, भुगतान विवरण और बैंक लेनदेन की गहन पड़ताल की जाएगी।

फिलहाल अदालत के संज्ञान में आने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट, साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर तय की जाएगी। निवेशकों और आम जनता की निगाहें अब जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।