
नई दिल्ली, 29 मार्च । भारतीय नौसेना के जहाज आईएनएस सतपुड़ा और आईएनएस सावित्री ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत मानवीय सहायता लेकर भूकंप प्रभावित म्यांमार के यांगून बंदरगाह की ओर बढ़ रहे हैं। यह जानकारी विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने आज यहां दी।
विदेश मंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में यह जानकारी साझा करते हुए कहा, “ऑपरेशन ब्रह्मा- भारतीय नौसेना के जहाज आईएनएस सतपुड़ा और आईएनएस सावित्री 40 टन मानवीय सहायता लेकर यांगून बंदरगाह की ओर बढ़ रहे हैं।”
एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा, “एनडीआरएफ का 80 सदस्यीय खोज एवं बचाव दल नेय पी ताव के लिए रवाना हुआ। वे म्यांमार में बचाव कार्यों में सहायता करेंगे।”
इससे पहले आज सुबह भारतीय वायुसेना के सी-130 जे विमान से भेजी गई 15 टन मानवीय राहत सामग्री की पहली खेप म्यांमार पहुंची। यांगून में राजदूत अभय ठाकुर ने राहत सामग्री की यह पहली खेप औपचारिक रूप से यांगून के मुख्यमंत्री यू सोई थीन को सौंपी। इसमें कंबल, तिरपाल, स्वच्छता किट, स्लीपिंग बैग, सोलर लैंप, भोजन के पैकेट और रसोई सेट हैं। इस उड़ान के साथ एक खोज एवं बचाव दल और चिकित्सा दल भी है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को एक्स पर लिखा कि म्यांमार के वरिष्ठ जनरल मिन आंग ह्लाइंग से बात की। विनाशकारी भूकंप में हुई मौतों पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। एक करीबी दोस्त और पड़ोसी के रूप में भारत इस कठिन समय में म्यांमार के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है। ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत आपदा राहत सामग्री, मानवीय सहायता, खोज और बचाव दल को प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से भेजा जा रहा है।
इस बीच, नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार म्यामार के भूकंप प्रभावित इलाके में रिक्टर स्केल पर 4.7 तीव्रता का एक आफ्टरशॉक आया है। इसका केंद्र भी जमीन में 10 किमी. नीचे बताया गया है।
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को म्यांमार में 7.7 तीव्रता का भूकंप आया था और पड़ोसी थाईलैंड हिल गया था। म्यांमार में आए विनाशकारी भूकंप में अब तक 694 मौतें हुई हैं और 1600 से अधिक लोग घायल हुए हैं।