
खड़गपुर, 28 अक्तूबर
भोजन, स्वास्थ्य और खुशहाली के क्षेत्र में नवाचार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बेंगलुरु स्थित ग्लोबलीजीआई की छह सदस्यीय टीम ने संस्थापक एवं मार्गदर्शक के. कृष्णैया के नेतृत्व में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर का दौरा किया।
इस अवसर पर दोनों संस्थानों के बीच भोजन, स्वास्थ्य और कल्याण से जुड़े अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्रों में सहयोग की नई संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ।
ग्लोबलीजीआई वर्तमान में आईआईटी खड़गपुर के कृषि एवं खाद्य अभियंत्रण विभाग के साथ मिलकर “मूडीज़–फूड एंड बेवरेज इनोवेशन हब (एम-एफबीआईएच)” को प्रायोजित कर रहा है। इस हब का समन्वय प्रोफेसर एच. एन. मिश्रा और सह-समन्वय डॉ. गायत्री मिश्रा कर रही हैं। यह केंद्र स्वास्थ्य और खुशहाली केंद्रित खाद्य एवं पेय पदार्थों के लिए उन्नत तकनीक और उपकरण विकसित करने के दिशा में कार्यरत है।
दौरे के दौरान ग्लोबलीजीआई टीम ने आईआईटी खड़गपुर के विशेषज्ञों के साथ सतत और परिवर्तनकारी नवाचारों पर गहन चर्चा की। विशेष रूप से तकनीक, भोजन और मानव कल्याण के समन्वय को लेकर विचारों का आदान-प्रदान हुआ।
आईआईटी खड़गपुर के निदेशक प्रोफेसर सुमन चक्रवर्ती ने टीम के आवश्यकता-आधारित नवाचारों की सराहना करते हुए प्रस्तावित ग्लोबलीजीआई–आईआईटी खड़गपुर उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) ऑन फूड, हेल्थ एंड वेलबीइंग के लिए संस्थागत सहयोग देने की घोषणा की। यह केंद्र संस्थान की प्लैटिनम जयंती पहल का एक महत्वपूर्ण अंग होगा।
उन्होंने ग्लोबलीजीआई को आईआईटी खड़गपुर रिसर्च पार्क, कोलकाता में अपनी उपस्थिति स्थापित करने के लिए भी प्रोत्साहित किया, जो उद्योग और शिक्षा जगत के बीच सहयोग का प्रमुख केंद्र है।
दौरे के दौरान आईआईटी खड़गपुर के अन्य विभागों एवं केंद्रों — वास्तुकला एवं क्षेत्रीय नियोजन विभाग, रेखी उत्कृष्टता केंद्र (प्रसन्नता विज्ञान हेतु), प्रो. एम. एन. फारूकी नवाचार केंद्र, तथा विनोद गुप्ता प्रबंधन विद्यालय — के साथ संभावित सहयोग पर भी चर्चा की गई।






