
पूर्वी सिंहभूम, 04 फ़रवरी । कचरा प्रबंधन को लेकर उठे विवाद पर जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता की आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ के लिए तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर जनता के सामने पेश किया जा रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण और भ्रामक है।
बुधवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में सरयू राय ने कहा कि जिस राज्य सरकार में बन्ना गुप्ता मंत्री थे, उसी सरकार ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश के बाद सोनारी मरीन ड्राइव के पास कचरा डंप करने पर रोक लगाई थी। इसके बावजूद अब सच्चाई को छुपाकर गलत बयानबाजी की जा रही है।
सरयू राय ने बताया कि मानगो नगर निगम और जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) का कचरा लंबे समय तक सोनारी में टाटा स्टील के एक खाली भूखंड पर डंप किया जाता रहा। इससे वहां कचरे का विशाल ढेर लग गया और कई बार आग लगने की घटनाओं के कारण पूरे इलाके में भीषण प्रदूषण फैल गया। स्थानीय लोगों की ओर से बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद जब प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तब मजबूर होकर लोगों को एनजीटी का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि एनजीटी के हस्तक्षेप और आदेश के बाद तत्कालीन राज्य सरकार ने, जिसमें बन्ना गुप्ता मंत्री थे, न केवल सोनारी में कचरा गिराने पर रोक लगाई, बल्कि उस स्थान की सफाई के लिए करोड़ों रुपये का टेंडर भी जारी किया गया। ऐसे में वर्तमान समय में यदि मानगो की गलियों और मोहल्लों में कचरे का अंबार लगा है, तो इसकी जिम्मेदारी स्थानीय निकायों और सफाई व्यवस्था से जुड़े ठेकेदारों की है, न कि किसी विधायक की।
सरयू राय ने सवाल उठाते हुए कहा कि मोहल्लों में कचरा जमा होने के वास्तविक दोषी कौन हैं, यह जनता के सामने स्पष्ट किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता को तथ्यहीन बयान देने और गलतबयानी करने के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
विधायक ने कहा कि कचरा प्रबंधन जैसे गंभीर और जनस्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय सभी को सच्चाई के साथ जिम्मेदारी निभानी चाहिए।






