टाटा जू में दो शावकों को जन्म

पूर्वी सिंहभूम / जमशेदपुर, 31 दिसंबर। टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क से वन्यजीव प्रेमियों के लिए खुशखबरी आई है। पार्क की बाघिन मेघना ने दो स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। शावकों का जन्म 27 नवंबर को हुआ था, हालांकि चिड़ियाघर के तय सुरक्षा प्रोटोकॉल और मां व नवजात शावकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसकी जानकारी अब सार्वजनिक की गई है।

जू प्रशासन के अनुसार दोनों शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं और अनुभवी पशु चिकित्सा एवं देखभाल टीम की सतत निगरानी में हैं। बाघिन मेघना भी पूरी तरह स्वस्थ है और अपने दोनों शावकों की बेहतर तरीके से देखभाल कर रही है। इन नन्हें मेहमानों के पिता बाघ रुद्र हैं।

फिलहाल शावकों का नामकरण नहीं किया गया है। जू प्रशासन ने बताया कि नामकरण प्रतियोगिता शीघ्र ही आयोजित की जाएगी, जिसमें आम लोग शावकों के नाम सुझा सकेंगे। प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित भी किया जाएगा।

गौरतलब है कि 13 मार्च 2025 को नागपुर स्थित गोरवाडा रेस्क्यू सेंटर से बाघों का एक जोड़ा टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क लाया गया था। सार्वजनिक प्रतियोगिता के माध्यम से ही उस समय बाघिन का नाम मेघना और बाघ का नाम रुद्र रखा गया था। दोनों बाघ जंगली मूल के हैं। शावकों के आगमन से पार्क प्रशासन और वन्यजीव प्रेमियों में उत्साह का माहौल है।

जू में बाघों की संख्या बढ़कर हुई 6

दो नए शावकों के जन्म के साथ ही टाटा जू में बाघों की कुल संख्या अब 6 हो गई है। इससे पहले जू में एक नर बाघ (रुद्र) और तीन मादा बाघिन (मेघना, सलोनी और सुनैना) मौजूद थीं। फिलहाल शावकों का लिंग स्पष्ट नहीं हो सका है, क्योंकि दोनों शावक मां के साथ सुरक्षित स्थान पर हैं और अभी निरीक्षण संभव नहीं हो पाया है।

इसके अलावा टाटा जू में 7 तेंदुए भी मौजूद हैं, जिनमें 3 नर, 2 मादा और 2 शावक शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि 3 मार्च को जू की एक मादा तेंदुआ ने भी दो शावकों को जन्म दिया था।

नेहरू जूलॉजिकल पार्क से आएगा शेरों का जोड़ा

टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क प्रबंधन अब शेरों की संख्या बढ़ाने की दिशा में भी कदम उठा रहा है। आगामी जनवरी माह के अंत तक हैदराबाद स्थित नेहरू जूलॉजिकल पार्क से शेरों का एक जोड़ा टाटा जू लाया जाएगा। इसके लिए आवश्यक मंजूरी मिल चुकी है।

नए जोड़े के आगमन के बाद टाटा जू में शेरों की संख्या बढ़कर 5 हो जाएगी। फिलहाल पार्क में 3 शेर मौजूद हैं, जिनमें 2 नर—जंबो और एद, तथा 1 मादा—जोया शामिल हैं, जो दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क में लगातार हो रहे वन्यजीव संवर्धन प्रयास न केवल जैव विविधता संरक्षण को मजबूती दे रहे हैं, बल्कि पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता भी बढ़ा रहे हैं।