सुकमा, 04 अप्रैल । छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में 20 लाख के इनामी चार नक्सलियों ने शुक्रवार को आत्मसमर्पण किया। पीएलजीए बटालियन नंबर 01 और पश्चिम बस्तर डिवीजन में कंपनी नंबर दो में सक्रिय 02 हार्डकोर सहित 04 नक्सलियों ने आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय में बिना हथियार आत्मसमर्पण किया।

इस दौरान सुकमा एसपी किरण चव्हाण, सीआरपीएफ 131वाहिनी कमांडेंट दीपक कुमार साहू, द्वितीय कमान अधिकारी डीआईजी ऑफिस सुकमा सुरेश सिंह पायल, एएसपी अभिषेक वर्मा, एएसपी नक्सल अभियान सुकमा मनीष रात्रे और सीआरपीएफ 02 वाहिनी निरीक्षक करुणाकर बेहेरा उपस्थित थे।

एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन की ‘‘छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति’’ एवं सुकमा पुलिस द्वारा चलाये जा रहे ‘‘नियद नेल्ला नार’’ योजना से प्रभावित होकर तथा अति संवेदनशील अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार कैम्प स्थापित होने से पुलिस के बढ़ते प्रभाव व नक्सली हिंसा से तंग आकर नक्सली संगठन में सक्रिय एक महिला सहित चार नक्सलियों ने आत्म समर्पण किया है।

आत्म समर्पित नक्सलियों में आठ लाख का इनामी, 28 वर्षीय संतोष उर्फ सन्ना बारसे (पूर्व पीएलजीए बटालियन नम्बर 01, कम्पनी नं0 01, सेक्शन ‘‘सी’’ पार्टी सदस्य, ) निवासी पूवर्ती ओईपारा थाना जगरगुण्डा जिला सुकमा,आठ लाख का इनामी, 28 वर्षीय अरूण उर्फ माड़वी हुर्रा (पश्चिम बस्तर डिवीजन कम्पनी नम्बर 02 प्लाटून नम्बर 01 का पार्टी सदस्य) निवासी कयैरदुलेड़ थाना चिंतागुफा जिला सुकमा, दो लाख का इनामी, 26 वर्षीय सोड़ी मुक्का(तुमालपाड़ आरपीसी मिलिशिया कमाण्डर) , निवासी एंटापाड़ा थाना चिंतागुफा जिला सुकमा एवं इनामी महिला नक्सली माड़वी रोशनी (पामेड़ एरिया कृषि कमेटी पार्टी सदस्या ) निवासी कैयरदुलेड़ थाना चिंतागुफा जिला सुकमा शामिल हैं।

सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को शासन के नये पुनर्वास नीति ‘‘छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति -2025 ’’ के तहत् 50-50 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि व कपड़े प्रदान किया गया।