
इस्लामाबाद, 29 अगस्त। पाकिस्तान मौसम विज्ञान विभाग (पीएमडी) ने शुक्रवार को बाढ़ग्रस्त पंजाब प्रांत के लिए जारी पूर्वानुमान में 30 सितंबर से दो सितंबर तक भारी बारिश होने की संभावना जताई है। पूर्वानुमान में कहा गया है कि इससे खतरे के निशान से ऊपर बह रही प्रमुख नदियां और तबाही मचा सकती हैं। आज फील्ड मार्शल चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ असीम मुनीर ने पंजाब के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई दौरा किया है।
द एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार के अनुसार इन चार दिनों में गंजा सिंह वाला में सतलुज नदी के बढ़े हुए जलस्तर में गिरावट आने के आसार नहीं हैं। शाहदरा में जरूर रावी का जलस्तर घट सकता है। त्रिम्मू में चिनाब नदी 24 घंटों के भीतर और तबाही मचा सकती है। पंजनाद में 2 सितंबर तक चिनाब का पानी घरों में घुस सकता है। इस बीच, गुड्डू और सुक्कुर बैराजों पर सिंधु नदी के 4 और 5 सितंबर को विकराल रूप धारण कर सकती है।
आज फील्ड मार्शल चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ असीम मुनीर ने पंजाब के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई दौरा किया है। उन्होंने करतारपुर में सिख समुदाय से मुलाकात कर बचाव एवं राहत कार्यों की समीक्षा की। पंजाब आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (पीडीएमए) के अनुसार, चेनाब नदी के बाढ़ के पानी को मोड़ने और झंग शहर को जलमग्न होने से बचाने के लिए रिवाज पुल को तोड़कर बड़ी दरार निर्मित की गई है। पंजाब के राहत आयुक्त नबील जावेद ने इसके बाद फैसलाबाद और झांग प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए।
इस समय लाहौर के शाहदरा बिंदु पर रावी नदी का जलस्तर 2,20,000 क्यूसेक तक पहुंच गया है। पंजाब पीडीएमए के महानिदेशक इरफान अली काठिया के अनुसार, शाहदरा में ऐसी बाढ़ 1988 में आई थी। बाढ़ पूर्वानुमान विभाग ने आज लाहौर में बारिश की सूचना दी है। रावी, सतलुज और चिनाब कुछ स्थानों पर अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
पंजाब सिंचाई विभाग के अनुसार सुबह जस्सर में रावी नदी का जलस्तर 85,980 क्यूसेक था। पीडीएमए के अनुसार पंजाब में लगभग 1,779 गांव जलमग्न हैं। राज्य में कम से कम 20 लोगों की मौत हो चुकी है। हजारों लोग बेघर हो गए हैं।