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कोलकाता, 28 फरवरी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति पर सवाल उठाने के बाद, नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर उन पर तीखा हमला किया है। शुभेंदु ने आरोप लगाया कि ममता जानबूझकर चुनाव प्रक्रिया को संदेह के घेरे में डालकर आयोग की छवि धूमिल करने की कोशिश कर रही हैं।
गुरुवार को नेताजी इंडोर स्टेडियम में तृणमूल कांग्रेस की एक बैठक में ममता बनर्जी ने देश के नवनियुक्त मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की निष्पक्षता पर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश भाजपा के करीबी हैं और केंद्र सरकार ने जानबूझकर उन्हें इस पद पर नियुक्त किया है। ममता ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर अब संदेह किया जा सकता है।
ममता के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शुभेंदु अधिकारी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को एक विस्तृत पत्र लिखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता जानबूझकर जनता में चुनावी प्रक्रिया को लेकर अविश्वास फैलाने की कोशिश कर रही हैं।
उन्होंने लिखा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री आपके (ज्ञानेश कुमार) नियुक्ति को लेकर संदेह जता रही हैं। वह कहना चाहती हैं कि भाजपा ने चुनाव आयोग को अपने नियंत्रण में ले लिया है। जबकि सच्चाई यह है कि आपकी नियुक्ति 2023 के नए कानून के तहत हुई है, जिसमें प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और प्रधानमंत्री द्वारा नामित एक केंद्रीय मंत्री शामिल होते हैं। यह पूरी तरह से निष्पक्ष प्रक्रिया है।
शुभेंदु ने ममता के बयान को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि उन्होंने इस प्रक्रिया को जानबूझकर गलत तरीके से प्रस्तुत किया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पहले वरिष्ठतम चुनाव आयुक्त को मुख्य चुनाव आयुक्त बनाया जाता था और इस नियम के तहत भी यह पद ज्ञानेश कुमार को ही मिलना चाहिए था।
ममता बनर्जी ने अपने भाषण में आरोप लगाया था कि ज्ञानेश कुमार गृह मंत्री अमित शाह के करीबी हैं और गुजरात में उनके अधीन काम कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि मैं चुनाव आयोग का सम्मान करती हूं, लेकिन अब आयोग पर भाजपा का पूरा नियंत्रण हो गया है।
शुभेंदु ने ममता के इस बयान को भी गलत बताते हुए कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त बनने के लिए किसी को भी केंद्र सरकार के किसी मंत्रालय में सचिव पद पर काम करने का अनुभव जरूरी होता है। ममता इस तथ्य को जानते हुए भी चुनाव आयोग की छवि धूमिल कर रही हैं।
अपने पत्र में शुभेंदु ने ममता के दिल्ली और महाराष्ट्र में भाजपा द्वारा वोटर लिस्ट में गड़बड़ी करने के आरोपों को भी खारिज किया। उन्होंने लिखा कि चुनाव आयोग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि महाराष्ट्र की मतदाता सूची पूरी तरह पारदर्शी थी। बावजूद इसके ममता इन मुद्दों को उठाकर जनता में भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही हैं।
शुभेंदु अधिकारी ने चुनाव आयोग से आग्रह किया कि ममता बनर्जी द्वारा लगाए गए इन आरोपों को गंभीरता से लिया जाए और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।
2026 में पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने हैं। गुरुवार की बैठक में ममता ने पार्टी कार्यकर्ताओं को आगामी चुनाव की तैयारियों के लिए निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा पर जमकर हमला बोला। वहीं, शुक्रवार को शुभेंदु अधिकारी ने ममता के बयान पर पलटवार करते हुए चुनाव आयोग को पत्र लिखकर उनके आरोपों को बेबुनियाद बताया।