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दक्षिण 24 परगना, 29 जनवरी । ज़िले से साइबर धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपित पर आरोप है कि उसने स्टॉक मार्केट में अधिक मुनाफ़े का लालच देकर एक व्यक्ति से करीब तीन करोड़ 35 लाख रुपये की ठगी की। गुरुवार को पुलिस ने इस गिरफ्तारी की जानकारी दी। गिरफ्तार आरोपित की पहचान हसन मोल्ला के रूप में हुई है। उसे कोलकाता पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच द्वारा की गई विस्तृत जांच के बाद दक्षिण 24 परगना ज़िले से पकड़ा गया। पुलिस के मुताबिक, यह ठगी एक सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई थी।

पुलिस ने बताया कि पीड़ित आशीष कुमार घोरा (56), जो सेंट्रल कोलकाता के एंटाली इलाके का निवासी है, को एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया था। यह ग्रुप कथित तौर पर आरोपित द्वारा चलाया जा रहा था। ग्रुप में कम समय में स्टॉक मार्केट निवेश से अधिक मुनाफ़ा कमाने का दावा किया गया था और निवेश से जुड़ी सलाह नियमित रूप से साझा की जाती थी।

ग्रुप में दिए गए निर्देशों पर भरोसा करते हुए पीड़ित ने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 3.35 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। हालांकि जब उसने बाद में अपनी रकम निकालने की कोशिश की, तो वह असफल रहा। तभी उसे एहसास हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है।

इसके बाद पीड़ित ने कोलकाता पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच से संपर्क कर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।

जांच में सामने आया कि आरोपित ने इस फर्जी निवेश योजना को विश्वसनीय दिखाने के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) और अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (एसईसी) के जाली नामों और लोगों का इस्तेमाल किया था। पीड़ित का भरोसा जीतने के लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज़ भी दिखाए गए।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ठगी की गई कुल रकम में से साढ़े 22 लाख रुपये ‘एमएस मसूद कंस्ट्रक्शन’ नाम के एक बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपित ने धोखे से हासिल की गई रकम को अलग-अलग जगह निवेश कर दिया था।

घोरा की शिकायत के आधार पर हसन मोल्ला को बुधवार को दक्षिण 24 परगना के बिष्णुपुर इलाके से गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इस साइबर ठगी के पीछे कोई बड़ा गिरोह या सिंडिकेट तो सक्रिय नहीं है।