कड़ाके की ठंड

पूर्वी सिंहभूम में कक्षा 12 तक के स्कूल बंद, रांची में जरूरतमंदों को बांटे गए कंबल

रांची, 27 दिसंबर। झारखंड इन दिनों भीषण शीतलहर की चपेट में है। कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है, वहीं प्रशासन और सामाजिक संगठनों की ओर से राहत व सुरक्षा के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

राज्य के कई जिलों में न्यूनतम तापमान तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। शनिवार को गुमला में न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री, खूंटी में 4.7 डिग्री और सरायकेला में 7.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल पूरे झारखंड में शीतलहर की स्थिति बनी रहेगी और आने वाले दिनों में ठंड से और अधिक परेशानियों की आशंका है।

शनिवार को रांची सहित पश्चिमी जिलों—गढ़वा, पलामू, चतरा और लातेहार—में दिनभर आसमान साफ रहा, लेकिन ठंडी हवाओं और शीतलहर के कारण कनकनी बनी रही। ठंड से राहत पाने के लिए लोग छतों और खुले स्थानों पर धूप सेंकते नजर आए।

रांची में अधिकतम तापमान 20.6 और न्यूनतम 7.9 डिग्री, जमशेदपुर में 24 और 10.2 डिग्री, डाल्टनगंज में 23.8 और 5.5 डिग्री, बोकारो में 21.1 और 8.5 डिग्री तथा चाईबासा में अधिकतम 27.4 और न्यूनतम 8.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

ठंड को देखते हुए स्कूलों में अवकाश

लगातार गिरते तापमान और शीतलहर के प्रभाव को देखते हुए पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने एहतियातन बड़ा निर्णय लिया है। उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के आदेश पर जिले में कक्षा 12वीं तक के सभी विद्यालयों में 28 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक अवकाश घोषित किया गया है। यह आदेश सरकारी, निजी एवं अल्पसंख्यक सभी विद्यालयों पर समान रूप से लागू होगा।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले विद्यालय प्रबंधन के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन के अनुसार, सुबह-शाम घना कोहरा, ठंडी हवाएं और अत्यधिक ठंड के कारण बच्चों के बीमार पड़ने की आशंका बढ़ गई है, जिसे देखते हुए यह निर्णय पूरी तरह जनहित में लिया गया है। अभिभावकों से बच्चों को ठंड से बचाने और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने देने की अपील की गई है।

जरूरतमंदों के लिए आगे आए सामाजिक संगठन

इधर, राजधानी रांची में कड़ाके की ठंड के बीच मानवता की मिसाल पेश करते हुए बिरसा चौक–हटिया स्टेशन रोड स्थित होटल द पार्क रिट्रीट और पूजा रेस्टोरेंट के संयुक्त सौजन्य से जरूरतमंदों के बीच कंबल और गर्म कपड़ों का वितरण किया गया। इस पहल से गरीब, वृद्ध और बच्चों को ठंड से काफी राहत मिली।

कार्यक्रम के संचालक रामाशंकर प्रसाद ने बताया कि प्रत्येक वर्ष दिसंबर माह में अपनी माता अशर्फी देवी की स्मृति में जरूरतमंदों के बीच कंबल और गर्म कपड़े वितरित किए जाते हैं। इस वर्ष भी सैकड़ों लोगों को इसका लाभ मिला। समाजसेविका आशा देवी ने कहा कि पीड़ित मानवता की सेवा ही सच्चा धर्म है और ऐसे कार्य समाज को सकारात्मक दिशा देते हैं।

कार्यक्रम में ऋतु देवी, वीर नारायण प्रसाद, खुशबू जायसवाल, पूजा कुमारी, शान्या कुमारी, आदित्य कलवार, अभिषेक कलवार, अंकित कलवार, रेशमा देवी सहित कई लोगों ने सहयोग किया।