नई दिल्ली, 3 अप्रैल । लोकसभा ने गुरुवार को तटीय नौवहन विधेयक-2024 ध्वनिमत से पारित कर दिया। विधेयक देश के तटीय जल के भीतर व्यापार कर रहे जहाजों को विनियमित करता है।

विधेयक का उद्देश्य तटीय नौवहन संबंधी कानूनों को समेकित और संशोधित करना, तटीय व्यापार और घरेलू भागीदारी को बढ़ावा देना है। विधेयक यह सुनिश्चित करेगा कि भारत के पास सुरक्षा और वाणिज्य के लिए नागरिक स्वामित्व वाला तटीय बेड़ा हो।

विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए पत्तन, पोत और परिवहन मंत्री सर्वानंद सोनेवाल ने कहा कि विधेयक तटीय नौवहन में देश की अपार, अप्रकाशित क्षमता के इष्टतम उपयोग के लिए एक बहुत ही आवश्यक है। साथ ही यह रणनीतिक और भविष्य की दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण कानून के रूप में कहा जाता है।

इस दौरान मंत्री ने पिछले 10 वर्षों में क्षेत्र में प्राप्त उल्लेखनीय सफलताओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कार्गो हैंडलिंग में हमारी वृद्धि 103 प्रतिशत तक पहुंच गई है। 2014 में यह 80 करोड़ मीट्रिक टन थी, जो अब बढ़कर 1630 करोड़ मीट्रिक टन हो गई है। पोर्ट रैंकिंग में हमारा स्थान 2014 में 54वां था। आज हम 38वें स्थान पर हैं। बीते 10 साल में दुनिया के बेहतरीन 100 पोर्ट में भारत के 9 पोर्ट शामिल हुए हैं।