कोलकाता, 02 अप्रैल । पश्चिम बंगाल में राम नवमी को लेकर सियासत तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर बेवजह डर का माहौल बनाने का आरोप लगाया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद दिलीप घोष ने कहा कि राम नवमी से पहले पुलिस द्वारा सभी कर्मियों की छुट्टियां रद्द करना अनावश्यक फैसला है।

घोष ने कहा कि राज्य सरकार केवल हिंदू त्योहारों के दौरान इस तरह के कदम उठाती है। उन्होंने कहा कि राम नवमी के अवसर पर लाखों लोग सड़कों पर निकलते हैं, लेकिन इससे कोई तनाव नहीं होता। पुलिस को उन लोगों पर कार्रवाई करनी चाहिए जो अशांति फैलाने की कोशिश करते हैं। दुर्गा पूजा के दौरान भी बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं, लेकिन वहां कोई परेशानी नहीं होती।

पिछले सप्ताह पश्चिम बंगाल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि उनके पास इनपुट हैं कि कुछ असामाजिक तत्व राम नवमी के मौके पर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। दक्षिण बंगाल के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सुप्रतिम सरकार ने 29 मार्च को कहा था कि कुछ लोग सोशल मीडिया पोस्ट और पोस्टरों के जरिए भड़काने की कोशिश कर सकते हैं।

उन्होंने कहा, “हम लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे किसी भी उकसावे में न आएं। अगर किसी को संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।”

पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया है कि इस बार राम नवमी पहले से भी बड़े स्तर पर मनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इस बार कम से कम दो हजार शोभायात्राएं निकाली जाएंगी और पिछले साल के मुकाबले भागीदारी दोगुनी होगी।

अधिकारी ने कहा कि पिछले साल 50 लाख हिंदू सड़कों पर उतरे थे, इस बार यह संख्या एक करोड़ तक पहुंचेगी। मैं खुद इस दिन सड़कों पर रहूंगा।

इस बीच, हाल ही में मालदा जिले के मोथाबाड़ी में सांप्रदायिक झड़प भी हुई थीं, जिससे प्रशासन पहले से सतर्क है।