कोलकाता, 26 फरवरी । पश्चिम बंगाल के करोड़ों रुपये के स्कूल भर्ती घोटाले में सीबीआई  दो गवाहों के बयानों पर खास जोर दे रही है। ये बयान कुछ प्रभावशाली राजनीतिक हस्तियों के खिलाफ मजबूत मामला बनाने में मददगार साबित हो सकते हैं, जो कथित तौर पर इस घोटाले के सबसे बड़े लाभार्थी थे।

सूत्रों के अनुसार, ये दोनों गवाह वे हैं, जिनका जिक्र सीबीआई ने इस महीने की शुरुआत में कोलकाता की एक विशेष अदालत में दाखिल आरोपपत्र में किया था। इन गवाहों ने जांच अधिकारियों को उस ऑडियो क्लिप के बारे में अहम जानकारी दी है, जो मामले में जब्त किए गए एक लैपटॉप से बरामद हुई थी।

इस ऑडियो क्लिप में घोटाले के मुख्य आरोपित सुजय कृष्ण भद्र को तीन प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्तियों से मोबाइल फोन पर स्कूल नौकरियों को लेकर बातचीत करते सुना गया था। इनमें से दो प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्ति पहले ही सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दायर आरोपपत्रों में आरोपी के रूप में नामित किए जा चुके हैं। ईडी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं की जांच कर रहा है।

ये दोनों गवाह भद्र के करीबी सहयोगी थे और उस कंपनी में काम करते थे, जहां वह मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) के पद पर थे। सूत्रों के मुताबिक, एक गवाह ने सीबीआई को बताया कि भद्र के कहने पर वह प्रभावशाली लोगों की बातचीत रिकॉर्ड करता था और इन क्लिप्स को लैपटॉप में सुरक्षित रखता था।

सीबीआई ने बरामद ऑडियो क्लिप को आगे की जांच के लिए केंद्रीय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) भेजा है। साथ ही, सीबीआई ने इस महीने की शुरुआत में भद्र के आवाज के नमूने एकत्र कर उन्हें भी सीएफएसएल को भेज दिया है।

भद्र वर्तमान में स्वास्थ्य कारणों के चलते कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश से जमानत पर बाहर है। हालांकि, उसके शहर के भीतर भी आवाजाही पर सख्त पाबंदी है और किसी भी राजनीतिक व्यक्ति से मिलने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। सीबीआई अधिकारियों और केंद्रीय सशस्त्र बलों की टीम लगातार उस पर नजर बनाए हुए है।

इस बीच, स्कूल भर्ती घोटाले में ईडी द्वारा दर्ज मामले की सुनवाई कोलकाता की धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) विशेष अदालत में शुरू हो चुकी है।