नई दिल्ली, 26 मार्च। केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने देश के 34 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में मुफ्त बाल देखभाल सेवाएं प्रदान करने के लिए 11,395 आंगनवाड़ी सह शिशु गृह (एडब्ल्यूसीसी) को स्वीकृति दी है। यह जानकारी बुधवार को महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने राज्यसभा में दी। राज्यसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री ने बताया कि केंद्र ने राज्यों के परिवहन मंत्रालय को सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं और बच्चों के लिए भोजन और चेंजिंग रूम स्थापित करने का निर्देश दिया है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (एमडब्ल्यूसीडी) ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच), नागर विमानन मंत्रालय, रेलवे बोर्ड और सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सार्वजनिक स्थानों पर समय-समय पर महिलाओं और बच्चों के लिए फीडिंग रूम और चेंजिंग रूम स्थापित करने के लिए लिखता रहा है। इस पर नागर विमानन मंत्रालय की तरफ से बताया गया कि

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के तहत हवाई अड्डों और गैर-एएआई हवाई अड्डों पर क्रमशः 164 और 148 फीडिंग रूम एवं चेंजिंग रूम स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (टीएसआरटीसी) के 26 बस स्टेशनों, कोयंबटूर में तमिलनाडु राज्य परिवहन निगम (टीएनएसटीसी) के 2 बस स्टेशनों और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) के 50 बस स्टेशनों पर फीडिंग रूम उपलब्ध हैं। दिल्ली, गोवा, चंडीगढ़ और मेघालय सहित राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेश ने भी इस संबंध में की गई कार्रवाई की सूचना दी है।

इसके अलावा सावित्री ठाकुर ने बताया कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव ने सभी मंत्रालयों एवं विभागों के सचिवों और सभी राज्य सरकारों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को एक परामर्श भेजा है, जिसमें कामकाजी महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए उनकी आवश्यकता अनुसार लैंगिक अनुकूल स्थान बनाने पर जोर दिया गया है। इस कदम से अर्थव्यवस्था में महिलाओं की पूर्ण और सार्थक भागीदारी सुनिश्चित हो सकेगी।