• उड़ीसा से मुहर बनवाकर लाए एमबीए के छात्र को पुलिस ने पकड़ा

सूरत, 2 अप्रैल । गुजरात के सूरत के वराछा रोड विधानसभा सीट से विधायक एवं पूर्व स्वास्थ्य मंत्री कुमार कानाणी (किशोर कानाणी) के फर्जी हस्ताक्षर और मुहर से आधार कार्ड और पैन कार्ड बनाने के रैकेट को पुलिस ने पकड़ा है। इस सिलसिले में एमबीए के छात्र को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। आरोपी छात्र उड़ीसा से फर्जी मुहर बनवाकर लाया था, जिसका उपयोग पिछले तीन महीने से कर रहा था। मामले में पुलिस ने मुहर बनाने वाले एक अन्य आरोपी को वांछित घोषित किया है।

कापोद्रा पुलिस के अनुसार एक अप्रैल की शाम गश्त के समय सर्विलांस स्टाफ को सूचना मिली कि दीपक पटनायक नामक 26 वर्षीय युवक फर्जी मुहर का उपयोग कर लोगों के आधार कार्ड और पैन कार्ड में नाम-पता बदलता है। पुलिस ने ऑपरेशन शुरू कर कापोद्रा सौराष्ट्र सर्किल से दीपक पटनायक को पकड़ा। इसके पास से विधायक के नाम की मोहर, हस्ताक्षर, आधार कार्ड, प्रिंटर, कम्प्यूटर, आधार कार्ड बनाने के लिए भरे हुए व खाली फार्म समेत अन्य सामान जब्त किए गए। आरोपी दीपक ने पूछताछ में बताया कि उसने ओडिशा के संबलपुर से एक अज्ञात व्यक्ति के पास से वराछा रोड क्षेत्र के विधायक कुमार कानाणी के नाम की नकली मुहर बनवाई थी। इसके बाद उसने सूरत के कापोद्रा सौराष्ट्र सर्किल के समीप क्षमा सोसायटी के गेट नंबर- चार के सामने किराए पर ऑफिस लिया था। पिछले तीन महीने से आधारकार्ड और पैन कार्ड में नाम-पता सुधारने का काम कर रहा था। ग्राहकों से वह प्रत्येक फॉर्म के लिए 200 रुपये फीस लेता था।

पुलिस उपायुक्त आलोक कुमार ने बताया कि एक टीम बनाकर पांच घंटे में ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। आरोपी इंदिरागांधी यूनिवर्सिटी में एमबीए की पढ़ाई कर रहा है। इसके पास से 20 से अधिक भरे और साइन-मुहर मारे फॉर्म कब्जे में लिए गए। विधायक कुमार कानाणी के आधारकार्ड का जेरोक्स भी आरोपी के पास से बरामद हुआ है। मामले में विधायक कुमार कानाणी ने कहा कि किसी भी सरकारी या जन-प्रतिनिधि का फर्जी डॉक्यूमेंट बना कर इसका दुरुपयोग करना बहुत ही गंभीर मामला है। हस्ताक्षर और मुहर का कई जगहों पर उपयोग होता है।

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