
बीकानेर, 30 जनवरी। बीकानेर जिला ओलंपिक संघ, की गवर्निंग मीटिंग में जिले के लगभग सभी खेल संघों के अध्यक्षों एवं सचिवों की उपस्थिति में खेल प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में खेल संघों के सुशासन, पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक लक्ष्मी हेरिटेज में आयोजित की बई।
बैठक की शुरुआत जिला ओलंपिक संघ के चेयरमैन कमल कल्ला के स्वागत उद्बोधन से हुई। उन्होंने वर्ष 2026 में “बीकानेर ओलंपिक गेम्स” के आयोजन का प्रस्ताव रखा, जिसे उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से सराहा। बैठक का संचालन राजेन्द्र सिंह राठौड़ ने किया।
इस अवसर पर जिला ओलंपिक संघ के सचिव जनरल मानक चंद व्यास ने बताया कि जिला ओलंपिक संघ, बीकानेर ने अपना नया संविधान सर्वसम्मति से अंगीकार कर लिया है। यह संविधान राजस्थान ओलंपिक एसोसिएशन तथा भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार किया गया है, जिसमें राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम–2025 एवं राष्ट्रीय खेल विकास नीति–2011 के सभी प्रमुख प्रावधानों को शामिल किया गया है।
उन्होंने कहा कि अब बीकानेर जिले के सभी खेल संघ अपने-अपने संविधान एवं नियमों को इन्हीं मानकों के अनुरूप संशोधित करेंगे, जिससे खेल संगठनों में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन को मजबूती मिलेगी।
नए प्रावधानों के तहत सभी पदों पर महिला प्रतिनिधित्व अनिवार्य किया गया है तथा खिलाड़ियों के अधिकारों, सहभागिता और प्रतिनिधित्व को और अधिक सशक्त बनाया गया है। इसके अलावा कोई भी पदाधिकारी अधिकतम दो कार्यकाल तक ही पद पर रह सकेगा तथा तीसरे कार्यकाल से पूर्व कूलिंग पीरियड अनिवार्य होगा, जिससे युवाओं और खिलाड़ियों को नेतृत्व के नए अवसर मिल सकेंगे।
जिला ओलंपिक संघ के अध्यक्ष सीए सुधीश शर्मा ने कहा कि नया संविधान और राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम–2025 खेल प्रशासन में ऐतिहासिक सुधार है, जिससे खेल संगठनों को अधिक पेशेवर, पारदर्शी और उत्तरदायी बनाया जा सकेगा। उन्होंने संविधान से जुड़े दो महत्वपूर्ण सुझाव/संशोधन भी बैठक में रखे, जिन्हें सदस्यों ने सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया।
उन्होंने विश्वास जताया कि जिला ओलंपिक संघ, बीकानेर राजस्थान ओलंपिक एसोसिएशन एवं भारतीय ओलंपिक संघ के मार्गदर्शन में सभी खेल संघों के सहयोग से इन सुधारों को प्रभावी ढंग से लागू करेगा, ताकि बीकानेर को खेलों के क्षेत्र में आदर्श मॉडल जिला के रूप में विकसित किया जा सके।
बैठक में जिला खेल अधिकारी सुरेन्द्र हर्ष भी उपस्थित रहे। उन्होंने सभी खेल संघों और खिलाड़ियों से आपसी समन्वय एवं एकजुटता के साथ कार्य करने का आह्वान किया, जिससे जिले में खेलों का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके और अधिक से अधिक प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिले।
ता और खिलाड़ियों के अधिकारों को मिलेगी मजबूती
बीकानेर (प्रतिनिधि)। बीकानेर जिला ओलंपिक संघ, की गवर्निंग मीटिंग में जिले के लगभग सभी खेल संघों के अध्यक्षों एवं सचिवों की उपस्थिति में खेल प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में खेल संघों के सुशासन, पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक लक्ष्मी हेरिटेज में आयोजित की बई।
बैठक की शुरुआत जिला ओलंपिक संघ के चेयरमैन कमल कल्ला के स्वागत उद्बोधन से हुई। उन्होंने वर्ष 2026 में “बीकानेर ओलंपिक गेम्स” के आयोजन का प्रस्ताव रखा, जिसे उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से सराहा। बैठक का संचालन राजेन्द्र सिंह राठौड़ ने किया।
इस अवसर पर जिला ओलंपिक संघ के सचिव जनरल मानक चंद व्यास ने बताया कि जिला ओलंपिक संघ, बीकानेर ने अपना नया संविधान सर्वसम्मति से अंगीकार कर लिया है। यह संविधान राजस्थान ओलंपिक एसोसिएशन तथा भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार किया गया है, जिसमें राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम–2025 एवं राष्ट्रीय खेल विकास नीति–2011 के सभी प्रमुख प्रावधानों को शामिल किया गया है।
उन्होंने कहा कि अब बीकानेर जिले के सभी खेल संघ अपने-अपने संविधान एवं नियमों को इन्हीं मानकों के अनुरूप संशोधित करेंगे, जिससे खेल संगठनों में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन को मजबूती मिलेगी।
नए प्रावधानों के तहत सभी पदों पर महिला प्रतिनिधित्व अनिवार्य किया गया है तथा खिलाड़ियों के अधिकारों, सहभागिता और प्रतिनिधित्व को और अधिक सशक्त बनाया गया है। इसके अलावा कोई भी पदाधिकारी अधिकतम दो कार्यकाल तक ही पद पर रह सकेगा तथा तीसरे कार्यकाल से पूर्व कूलिंग पीरियड अनिवार्य होगा, जिससे युवाओं और खिलाड़ियों को नेतृत्व के नए अवसर मिल सकेंगे।
जिला ओलंपिक संघ के अध्यक्ष सीए सुधीश शर्मा ने कहा कि नया संविधान और राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम–2025 खेल प्रशासन में ऐतिहासिक सुधार है, जिससे खेल संगठनों को अधिक पेशेवर, पारदर्शी और उत्तरदायी बनाया जा सकेगा। उन्होंने संविधान से जुड़े दो महत्वपूर्ण सुझाव/संशोधन भी बैठक में रखे, जिन्हें सदस्यों ने सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया।
उन्होंने विश्वास जताया कि जिला ओलंपिक संघ, बीकानेर राजस्थान ओलंपिक एसोसिएशन एवं भारतीय ओलंपिक संघ के मार्गदर्शन में सभी खेल संघों के सहयोग से इन सुधारों को प्रभावी ढंग से लागू करेगा, ताकि बीकानेर को खेलों के क्षेत्र में आदर्श मॉडल जिला के रूप में विकसित किया जा सके।
बैठक में जिला खेल अधिकारी सुरेन्द्र हर्ष भी उपस्थित रहे। उन्होंने सभी खेल संघों और खिलाड़ियों से आपसी समन्वय एवं एकजुटता के साथ कार्य करने का आह्वान किया, जिससे जिले में खेलों का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके और अधिक से अधिक प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिले।








