नई दिल्ली, 12 अप्रैल । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत कई नेताओं ने रविवार को दिग्गज पार्श्व गायिका आशा भोसले के निधन पर शोक जताया।
राष्ट्रपति ने एक्स पर कहा, “आशा भोसले के निधन से संगीत जगत में एक गहरा शून्य उत्पन्न हो गया है। एक प्रतिष्ठित गायिका के रूप में उनके शानदार करियर ने भारत में संगीत के एक युग को परिभाषित किया है। मुझे उनसे व्यक्तिगत रूप से हुई मुलाकातों की सुखद यादें हैं। अपनी मधुर और सदाबहार आवाज से उन्होंने दशकों तक भारतीय संगीत को समृद्ध किया। उनका संगीत अमर रहेगा। उनका निधन संगीत प्रेमियों के लिए एक अपूरणीय क्षति है।”
उपराष्ट्रपति ने कहा कि आशा भोसले की बेमिसाल आवाज और संगीत की विरासत लाखों लोगों के दिलों में गूंजती रहेगी और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि आशा भोसले ने हिंदी, मराठी के साथ कई भाषाओं में गायन कर भारतीय गीत-संगीत और सिनेमा को विश्व मंच पर प्रतिष्ठित किया। उनका देहावसान भारतीय कला-संगीत जगत के लिए गहरी क्षति है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आशा भोसले के निधन से अत्यंत दुखी हूं। दशकों तक फैले उनके असाधारण संगीतमय सफर ने हमारी सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया और दुनिया भर में अनगिनत दिलों को छुआ। उनके साथ बिताए पलों को मैं हमेशा संजो कर रखूंगा।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आशा भोसले ने न सिर्फ अपनी मधुर आवाज और अद्वितीय प्रतिभा से एक अलग पहचान बनाई बल्कि अपने सुरों से भारतीय संगीत को भी और अधिक समृद्ध किया। हर तरह के संगीत में ढल जाने की उनकी अनोखी प्रतिभा हर व्यक्ति का दिल जीत लेती थी। अपनी आवाज से करोड़ों दिलों को छूने वालीं आशा जी ने हिंदी, मराठी, बांग्ला, तमिल, गुजराती सहित अनेक भाषाओं के साथ-साथ लोकगीतों में भी अमिट छाप छोड़ी।
केंद्रीय सड़क, परिवहन एवम राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि भारतीय संगीत जगत की अजरामर आवाज़ आशा भोसले जी को भावभीनी श्रद्धांजलि!
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि आशा भोसले के निधन से पार्श्व गायन के एक युग का अंत हो गया। बहुमुखी प्रतिभा और गरिमा की प्रतीक, उनकी अनूठी गायन शैली को दुनिया भर में लाखों लोगों ने सराहा। पद्म विभूषण से सम्मानित, वह आज भी सबसे अधिक गाने वाली कलाकारों में से एक हैं।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी ने कहा कि आवाज़ के माध्यम से आशा भोसले की कला सदा हमारे बीच अमर रहेगी। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके शोकाकुल प्रियजनों और प्रशंसकों के साथ है।
महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्यमंत्री आशीष शेलार ने बताया, “आज महाराष्ट्र समेत पूरा देश बहुत दुखी है। एक युग का अंत हो गया है। आशाताई हमें छोडक़र चली गई हैं। आशाताई के होने से हमें सालों तक सुकून मिलता था। उनकी खासियत थी दुख को गले लगाना और लोगों को खुशी देना। उनकी उपलब्धियों के दुनिया दीवाने थे। ऐसी आशाताई आज हमारे बीच नहीं रहीं। अब, जैसा कि परिवार ने कहा है, उनका पार्थिव शरीर कल लोअर परेल में उनके घर पर रखा जाएगा। लोग वहां उन्हें अपनी आखिरी श्रद्धांजलि दे सकते हैं। उसके बाद शिवाजी पार्क के श्मशान घाट में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया जाएगा। कार्यमंत्री शेलार ने कहा कि उनका न होना हमारे लिए जिंदगी भर का दुख रहेगा।”
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और कैबिनेट मंत्रियों ने विख्यात पार्श्व गायिका आशा भोसले के निधन को भारतीय संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने शोक संदेश में कहा कि आशा भोसले ने अपने गौरवशाली संगीत जीवन में 12,000 से अधिक गीतों को मधुर आवाज दी। उनके गीत न केवल भारतीय संगीत की अमूल्य धरोहर हैं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बने रहेंगे। उनकी सुरीली और बहुआयामी आवाज ने दशकों तक संगीत प्रेमियों के दिलों पर राज किया और देश की सांस्कृतिक पहचान को समृद्ध किया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि संगीत का वह स्वर्णिम स्वर आज मौन हो गया, जिसने पीढ़ियों को जोड़ा और हर भावना को सुरों में ढाल दिया। आशा ताई की आवाज में जैसे जिंदगी मुस्कुराती थी, हर गीत में एक कहानी थी, जो समय से आगे निकल जाती थी। उन्होंने कहा कि उनका जाना एक स्वर्णिम युग के विराम जैसा है, लेकिन उनकी साधना आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरणा देती रहेगी।
