श्रावणी मेले की तैयारियों में जुटा जिला प्रशासन

देवघर, 11 अप्रैल। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 को लेकर देवघर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। शनिवार को संताल परगना आयुक्त संजय कुमार ने उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा और पुलिस अधीक्षक सौरभ समेत विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ कांवड़िया पथ, कांवड़िया रूट लाइन, क्यू कॉम्प्लेक्स और बाबा बैद्यनाथ मंदिर परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान मेले की तैयारियों को लेकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
निरीक्षण के दौरान आयुक्त संजय कुमार ने स्पष्ट कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि श्रावणी मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि सुल्तानगंज से जल लेकर बाबाधाम पहुंचने वाले कांवड़ियों को यहां बेहतर व्यवस्था, सुरक्षा और सकारात्मक अनुभव मिलना चाहिए, ताकि वे अच्छा संदेश लेकर लौटें।

तीन महीने में तैयारियों को अंतिम रूप देने का लक्ष्य
उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने बताया कि मेले में अभी करीब तीन महीने का समय शेष है और सभी विभागों के साथ समन्वय बनाकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व की तरह इस बार भी क्यूआर कोड के माध्यम से श्रद्धालुओं की शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाएगा, जिससे व्यवस्थाओं को और प्रभावी बनाया जा सके।

नए रूट को लेकर विचार-विमर्श जारी
मंदिर में शीघ्र दर्शन के लिए प्रस्तावित नए रूट को लेकर उठ रहे विरोध पर उपायुक्त ने कहा कि पंडा धर्म रक्षिणी सभा, सरदार पांडा और जिला प्रशासन के बीच इस विषय पर लगातार चर्चा चल रही है। सभी पक्षों के विचार-विमर्श के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि श्रावणी मेला शुरू होने से पहले नए रूट को तैयार कर लिया जाएगा।

तकनीक से सुदृढ़ होगी सुरक्षा व्यवस्था
मेले के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष योजना तैयार की जा रही है। साथ ही सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हेड काउंटिंग मशीन का भी उपयोग किया जाएगा, जिससे रियल टाइम में भीड़ का आकलन संभव हो सके।

निरीक्षण के दौरान एसपी सौरभ, एसडीओ रवि कुमार सहित विभिन्न विभागों के कई अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन का दावा है कि इस बार श्रावणी मेला पहले से अधिक सुव्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से आयोजित किया जाएगा।