रांची, 26 फरवरी। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने चतरा जिले में हुए एयर एंबुलेंस हादसे को लेकर राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला है।
मरांडी ने कहा कि एयर एंबुलेंस सेवा को राज्य सरकार की बहुप्रचारित योजना के रूप में प्रस्तुत किया गया था, लेकिन हालिया दुखद हादसे ने इसकी कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सेवा प्रदाता कंपनी ने 30 प्रतिशत से अधिक बर्न इंजरी का हवाला देकर सरकारी सब्सिडी देने से इनकार कर दिया, जबकि बाद में उसी मरीज को 5 लाख रुपये के बजाय 8 लाख रुपये किराया तय होने पर दिल्ली ले जाने की सहमति दे दी।
मरांडी ने कहा कि यदि 30 प्रतिशत से अधिक बर्न इंजरी की स्थिति में हवाई यात्रा असुरक्षित मानी गई, तो फिर अधिक राशि लेकर उसी मरीज को ले जाने की अनुमति कैसे दी गई? उन्होंने सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा कि 30 प्रतिशत तक ही सब्सिडी देने का निर्णय किन आधारों पर लिया गया और क्या इसमें विशेषज्ञ चिकित्सकों की राय शामिल थी।
नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि 28 अप्रैल 2023 से संचालित इस सेवा का लाभ अब तक बमुश्किल एक दर्जन लोगों को मिला है, जिनमें भी चार मंत्री शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद बजट में इस योजना के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मरांडी ने कहा कि यदि जरूरतमंदों को शर्तों और बहानों के आधार पर सेवा से वंचित किया जा रहा है, तो यह अत्यंत गंभीर विषय है। उन्होंने एयर एंबुलेंस सेवा प्रदाता कंपनी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने तथा अब तक वसूले गए किराए की पारदर्शी समीक्षा कराने की भी मांग उठाई।
उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले में संवेदनशीलता और जवाबदेही दिखानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
