कोलकाता, 14 फरवरी। पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को भाजपा के सॉल्टलेक स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने समस्त प्रदेशवासियों को महाशिवरात्रि की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए इसे सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति के उत्सव का प्रतीक बताया।
प्रेस वार्ता में अधिकारी ने राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में 2.15 करोड़ लोग बेरोजगार हैं, 51 उद्योग एवं निवेश परियोजनाएं ठप हो चुकी हैं तथा लगभग एक करोड़ लोग रोजगार की तलाश में राज्य से बाहर पलायन करने को विवश हुए हैं।
उन्होंने वर्ष 2013 में तत्कालीन वित्त मंत्री अमित मित्र द्वारा शुरू की गई “युवा उत्साह प्रकल्प” योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि बाद में अक्टूबर 2013 में इसका नाम बदलकर “युवाश्री” कर दिया गया। अधिकारी के अनुसार, 17 लाख आवेदनों में से केवल एक लाख युवाओं को सीमित अवधि के लिए भत्ता दिया गया, जबकि शेष 16 लाख आवेदकों को प्रतीक्षा में रखा गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम 2014 के लोकसभा चुनाव से पूर्व राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से उठाया गया था। उनका दावा है कि 2017-18 के बाद यह योजना प्रभावी रूप से बंद हो गई और 17 लाख आवेदनों की स्थिति सार्वजनिक नहीं की गई। उन्होंने कहा कि भाजपा शीघ्र ही इन आवेदकों से संपर्क कर तथ्य सामने लाएगी।
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की नीतियों के कारण नौकरियों और उद्योगों को क्षति पहुंची है, जिससे प्रदेश में सरकार के प्रति असंतोष की भावना बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अंतरिम बजट का उपयोग राजनीतिक दस्तावेज के रूप में कर रही हैं।
महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर अधिकारी ने आर.जी. कर एवं दुर्गापुर की घटनाओं का उल्लेख करते हुए दावा किया कि पूर्व मेदिनीपुर जिले के कांथी-तीन ब्लॉक से एक ऑडियो वायरल हुआ है, जिसमें एक तृणमूल महिला प्रधान के साथ पंचायत समिति के सभापति विकास बेज पर शारीरिक एवं यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले को दबाने के लिए पूर्व मेदिनीपुर के एसपी प्रभारी मिथुन देब द्वारा सुलह-सभा बुलाई गई। उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाएं असुरक्षित हैं और सरकार ठोस कदम उठाने के बजाय आर्थिक घोषणाएं कर रही है।
अधिकारी ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा राज्य की वित्तीय स्थिति पर की गई टिप्पणियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में छह लाख सरकारी पद समाप्त कर दिए गए हैं तथा लगभग दस लाख पद रिक्त पड़े हैं, जिनमें 3.3 लाख शिक्षण एवं गैर-शिक्षण पद तथा 1.5 लाख पुलिस कांस्टेबल के पद शामिल हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि उच्च माध्यमिक परीक्षाओं के दौरान “युवा साथी” फॉर्म का ऑफलाइन वितरण किया जा सकता था, किंतु युवाओं को सड़कों पर लाकर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास किया गया।
अधिकारी ने मुख्यमंत्री से वर्ष 2013 के 17 लाख आवेदकों की स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की। साथ ही युवाओं से अपील की कि वे भाजपा युवा मोर्चा द्वारा आयोजित “चाकरी मांगे बंगाल” शिविरों में आकर आवेदन भरें। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा और महाराष्ट्र की तरह पश्चिम बंगाल में भी भाजपा सरकार बनने पर युवाओं को स्थायी रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
