
रांची, 29 जनवरी। झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए राज्यवासियों के नाम एक व्यंग्यात्मक संदेश जारी किया है। गुरुवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा किए गए इस संदेश में उन्होंने कानून-व्यवस्था, नागरिक सुरक्षा, किसानों, स्वास्थ्य व्यवस्था, आदिवासी समाज और युवाओं की स्थिति को लेकर राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा किया।
मरांडी ने अपने संदेश की शुरुआत करते हुए लिखा, “मेरे प्यारे झारखंडवासियों के नाम एक संदेश” और कहा कि यदि कोई व्यक्ति झारखंड में रहता है, तो उसे मुख्यमंत्री या सरकार से किसी भी नीति, न्याय या सुशासन की उम्मीद छोड़ देनी चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि झारखंड में सफलतापूर्वक व्यवसाय करने वालों को सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार नागरिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने से इनकार कर चुकी है। मरांडी ने दावा किया कि कारोबारियों को अपहरण, फिरौती, अपराधियों के भय के साथ-साथ कई बार पुलिस से भी भयादोहन का सामना करना पड़ता है।
किसानों के मुद्दे पर मरांडी ने कहा कि खेती करने वाले लोगों को चुनाव के समय किए गए न्यूनतम समर्थन मूल्य के वादों से कम कीमत पर अपनी फसल बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन सरकार ने एक बार फिर किसानों का भरोसा तोड़ा है और किसानों को अपनी जमीन को “घोटालेबाज मंत्रियों” की नजर से बचाकर रखने की जरूरत है।
स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी नेता प्रतिपक्ष ने गंभीर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि झारखंड में यदि किसी को स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है, तो उसे पहले से बड़ी रकम का इंतजाम कर लेना चाहिए, क्योंकि सरकारी अस्पताल कभी भी ढह सकते हैं, दवाइयां खत्म हो सकती हैं और वेंटिलेटर अक्सर खराब रहते हैं।
आदिवासी समाज को लेकर मरांडी ने कहा कि यदि कोई झारखंड में रहता है और आदिवासी है, तो उसे शिक्षा की उम्मीद छोड़ देनी चाहिए और अपनी जमीन को अवैध घुसपैठियों से बचाने के लिए लगातार संघर्ष के लिए तैयार रहना होगा।
युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को लेकर मरांडी ने कहा कि उन्हें साल-दर-साल भर्तियों के निकलने का इंतजार करना पड़ेगा। कभी आवेदन निकलेंगे तो कभी रद्द होंगे। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि युवाओं को बार-बार आवेदन करने, नौकरी खरीदने की क्षमता रखने और उसके बाद भी घोटालों की मार सहने के लिए तैयार रहना होगा।
अपने संदेश के अंत में बाबूलाल मरांडी ने तंज कसते हुए लिखा कि झारखंड में रहने वाले लोग सरकार से नीति या न्याय की उम्मीद छोड़ दें और केवल मुख्यमंत्री के विदेशी दौरों और “शॉपिंग टूर” की “सफलता” पर बधाई संदेश देना न भूलें।








